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Afghanistan: सार्वजनिक जीवन से महिलाओं को हटाने की कोशिशों पर भारत ने जताई चिंता, संयुक्त राष्ट्र में उठाया मुद्दा
Fri, 01 Jul 2022 09:45 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 01 Jul 2022 09:45 PM IST
सार
तालिबान अगस्त 2021 के मध्य में राजधानी काबुल पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान में सत्ता में लौट आया।
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संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान पर चर्चा
- फोटो : Social Media
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विस्तार
भारत ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में सार्वजनिक जीवन से महिलाओं को हटाने की बढ़ती कोशिशों पर चिंता जताई। भारत ने महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया और कहा कि पिछले दो दशकों के लंबी लड़ाई से मिले लाभ खत्म न हो जाएं। जिनेवा में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पुनीत अग्रवाल ने कहा कि एक निकटवर्ती पड़ोसी और अफगानिस्तान के लंबे समय से साझेदार के रूप में देश में शांति और स्थिरता की वापसी सुनिश्चित करने को लेकर भारत का सीधा सरोकार है।
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अफगानिस्तान में महिलाओं के मानवाधिकारों की स्थिति पर बहस
मानवाधिकार परिषद के 50वें सत्र में अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के मानवाधिकारों की स्थिति पर तत्काल बहस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अफगान लोगों के साथ भारत के मजबूत ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को देखते हुए हम हाल के घटनाक्रमों के बारे में गहराई से चिंतित हैं। यह अफगानिस्तान की महिलाओं और लड़कियों की भलाई को सीधे प्रभावित करता है। अफगानिस्तान में महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से हटाने की कोशिशें बढ़ रही हैं।
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अग्रवाल ने कहा कि हम शिक्षा के अधिकार सहित महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पिछले दो दशकों के लंबे समय में लड़कर मिले लाभों को उलटने नहीं दिया जाए। तालिबान अगस्त 2021 के मध्य में राजधानी काबुल पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान में सत्ता में लौट आया, जिससे युद्धग्रस्त देश में अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन की उपस्थिति के लगभग 20 वर्षों का तेजी से अंत हो गया। सत्ता संभालने के बाद कट्टरपंथी इस्लामी समूह नए कानून जारी कर रहा है, जिसमें कहा गया है कि महिलाओं को केवल जरूरी मामलों में ही अपने घरों को छोड़ना चाहिए और अपने चेहरे को सार्वजनिक रूप से ढंकना चाहिए।
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अग्रवाल ने पीड़ितों और उनके परिवारों और अफगानिस्तान में विनाशकारी भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति भी भारत की गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान के लोगों के दुख को साझा करता है और अफगानिस्तान के एक सच्चे दोस्त और पहले प्रतिक्रिया के रूप में अफगानिस्तान के लोगों के लिए दो उड़ानों में 27 टन आपातकालीन राहत सहायता भेजी है।