किसी इंसान के हंसते हुए चेहरे के पीछे का दुख कोई नहीं देख पाता। कुछ ऐसी ही दर्दभरी कहानी है अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन की। एक कार हादसे में वह अपनी पहली पत्नी और बेटी को खो चुके हैं।
अमेरिका चुनाव: जो बिडेन की जिंदगी के वो दर्दनाक लम्हे, पत्नी और बेटी के गम में बहाने पड़े आंसू
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क्रिसमस की खरीदारी करने निकले, फिर कभी नहीं लौटे
जो बिडेन उस हादसे को यादकर बताते हैं कि सीनेट के लिए चुने जाने के कुछ हफ्तों के बाद मैं वॉशिंगटन डीसी में अपने नए कार्यालय में काम कर रहा था और लोगों की फरियाद भी सुन रहा था, तभी एक कॉल आया। मुझे बताया गया कि मेरी बेटी जो 13 माह की थी और पत्नी इस दुनिया में नहीं रहे। सभी क्रिसमस की खरीदारी करने निकले थे और रास्ते में हादसे का शिकार हो गए।
किसी विवाद से नहीं जुड़ा बिडेन का नाम
बहरहाल, समय के साथ बिडेन इस कठिन दौर से उबरते चले गए। आज अमेरिका की राजनीति में जो बिडेन का दबदबा है। बिडेन का आज तक किसी विवाद में नाम नहीं आया। वह एक सामान्य से व्यक्ति की तरह दिखते हैं और उसी तरह बात करते हैं। अपनी बातों को सटीक तरीके से बोलते हैं। हां, उनकी एक खास बात ये है कि गलती होने पर वह माफी भी मांग लेते हैं।
पहली पत्नी से कहां हुई थी मुलाकात
बिडेन 1963 में छुट्टियों के दौरान नासाउ समुद्र के किनारे नीलिया हंटर से मिले थे। तब नीलिया हंटर सिराक्यूज विश्वविद्यालय में स्नातक के दूसरे साल की पढ़ाई कर रही थीं। बिडेन अपनी डिग्री के बाद लॉ स्कूल में दाखिला लेने के लिए सिराक्यूज गए थे। इस जोड़े ने 1966 में शादी की। जबकि वे अभी भी वहां पढ़ रहे थे।
शादी के बाद इन्हें तीन बच्चे हुए, बेटे ब्यू और हंटर, बेटी नाओमी। उसके बाद बिडेन ने पहली बार अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ा, जिसमें उनकी पत्नी ने उनके प्रचार अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जीत दिलाई।
शुरूआत में दर्द बहुत असहनीय था
अपनी पुस्तक "प्रॉमिस मी, डैड" में, बिडेन ने लिखा है कि दर्द शुरूआत में असहनीय लग रहा था और मुझे ठीक होने में लंबा समय लगा। अपने जीवन और अपने परिवार को फिर से संगठित किया।