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अमेरिकी राजनीतिज्ञों को कश्मीर की वस्तुस्थिति से अवगत कराना भारतीय-अमेरिकी समुदाय की जिम्मेदारी

Tue, 11 Feb 2020 03:40 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 11 Feb 2020 03:40 AM IST
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The responsibility of Indo American community to make American politicians aware of the situation
जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला

भारतीय-अमेरिकी लोगों के एक समूह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किए जाने के भारत सरकार के फैसले का अमेरिका को समर्थन करना चाहिए। यह समूह कि जिम्मेदारी है कि वह यहां के राजनीतिक दलों को क्षेत्र की जमीनी हकीकत से अवगत कराए।

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वाशिंगटन डीसी के बाहरी इलाके वर्जीनिया स्थित राजधानी मंदिर में रविवार को एक बैठक हुई। इसमें भाग लेने वाले लोगों ने कहा कि अनुच्छेद 370 से जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार, आतंकवाद और परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा मिला। अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद अब लोग इसे नई ऊंचाईयों में ले जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल बनने की संभावना है।
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बैठक में मौजूद एक प्रतिभागी अलोक श्रीवास्तव ने कहा कि कश्मीर पर भारत के रुख का अमेरिका को समर्थन की जरूरत है। वहीं भारतीय -अमरिकी समुदाय के  नेता हर्ष सेठी ने कहा कि यह समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह अमेरिकी राजनीतिज्ञों को क्षेत्र की जमीनी हकीकत और सच्चाई से रूबरू कराएं।
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उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि न्यूयार्क से डेमोक्रे ट सांसद टॉम सुओज्जी ने अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर के  विशेष राज्य का दर्ज खत्म करने पर पत्र लिखा था। इसके बाद जब हमने उनसे मुलाकात की और उन्हें सच्चाई से अवगत कराया तो उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने माफी मांगी।

बैठक में मौजूद लोगों ने कई प्रस्तुतियां देने के साथ ही कश्मीर को लेकर चल रहे दुष्प्रचार समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर एक और प्रतिभागी राजीव खन्ना ने कहा कि कश्मीर को आतंक मुक्त बनाना और हिंदू कश्मीरियों को वापस उनके घर बसाना सबसे महत्वपूर्ण है।


उन्होंने कहा कि यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत का एक पड़ोसी उसे आतंकवाद को बढ़ावा देकर से नुकसान पहुंचा रहा है। उनका मानना है कि इसके जरिये वह कश्मीर में रहने वालों का जीवन और विकास को रोककर क्षेत्र को विफल कर देगा। इसके लिए वह सीमा पार से आतंकियों प्रशिक्षण देकर कश्मीर भेजता रहता है।

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