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कीट ने 9.9 करोड़ साल पूर्व किया था पहला परागण

Wed, 13 Nov 2019 03:49 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 13 Nov 2019 03:49 AM IST
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The insect had its first pollination of 9.9 million years ago
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pexels

पृथ्वी पर पहली बार कीटों द्वारा पारागण 9.9 करोड़ वर्ष पूर्व किया गया था। यह दावा बर्मा में पेड़ की राल से बने फूल और भौंरे का जीवाश्म के आधार पर अध्ययन किया गया है। इससे पहले माना जाता था कि कीटों द्वारा परागण 5 करोड़ वर्ष पूर्व शुरू हुआ था।

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अमेरिका के विज्ञान जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस में इस विषय पर प्रकाशित लेख में एक जीवाश्मीकृत फूल और भौंरे की खोज को आधार बनाया गया है। जीवाश्म में मिले भौंरे के पांव पर पराग कण होने की पुष्टि की गई है। यह जीवाश्म पेड़ की राल से बना है और उत्तरी म्यांमार में एक खदान में पाया गया है।
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इसे लेकर इंडियाना विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ता डेविड डेल्चर ने करीब 62 पराग कण मिलने की पुष्टि की है। इन पराग कणों पर वैसे ही लक्षण हैं जो किसी कीट के संपर्क में आने के लिए आवश्यक होते हैं। यह पराग कण यूडीकोट्स नामक फूलों की प्रजाति के हैं, जो आज भी सामान्य तौर पर मिलती है। डिल्चर के अनुसार यह बहुत ही दुर्लभ बात है कि एक ही जीवाश्म में भौंरा और पराग कण संरक्षित अवस्था में मिल जाएं।

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कीट के बालों में तलाशे कण

अध्ययनकर्ताओं के अनुसार पराग कणों की खोज आसान नहीं थी। इन्हें भौंरे के बालों के बीच खोजा गया। इसके लिए कॉन-फोकल लेजर माइक्रोस्कोपी तकनीक का उपयोग किया गया। इसमें फ्लोरासेंस लाइट इस्तेमाल होती हैं, जिसकी वजह से पराग कण कीट के गहरे शल्क में अलग से चमकते नजर आते हैं।

नई प्रजाति का भौंरा भी मिला

राल के जीवाश्म में मिला भौंरा भी नई प्रजाति का है। इसे एंजीमोरडेला बर्मीटीना नाम दिया गया है। उसकी शारीरिक संरचना, पराग कण ग्रहण करने वाले मुंह के हिस्से आदि दर्शाते हैं कि वह परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। इस भौंरे के विश्लेषण के लिए वैज्ञानिकों ने एक्स-रे माइक्रो-कंप्यूटेड टोमोग्राफी तकनीक का उपयोग किया।

खोज का महत्व

वैज्ञानिकों के अनुसार यह खोज दर्शाती है कि पौधों और जीवों ने एक दूसरे का सहयोग करते हुए अपना विकास किया है। इसे एक सबसे पुराने और सपाट साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।

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