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क्रिसमस स्टार: गुरु-शनि पर नासा की नजर, सौरमंडल को 'दौड़ का मैदान' मानते हैं वैज्ञानिक

Tue, 22 Dec 2020 12:04 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 22 Dec 2020 12:04 AM IST
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The Great Conjunction between Jupiter and Saturn, Here is all you need to know
The Great Conjunction of Jupiter and Saturn - फोटो : twitter.com/nasahqphoto

आसमान के रहस्यों में रुचि रखने वालों के लिए इस साल के आखिरी दौर में आज की रात एक बेहतरीन मौका बन रहा है। बृहस्पति और शनि का कंजंक्शन, जिसे आम तौर पर अब क्रिसमस स्टार के नाम से जाना जाता है वह असल में एक विशेष जीवंत गृहों का संयोग है, जिसे 21 दिसंबर की रात से अगले दो सप्ताह तक आसमान में आसानी से देखा जा सकेगा। इस दौरान दोनों गृह आस-पास होंगे। 

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उल्लेखनीय है कि साल 1610 में गैलीलियो ने बृहस्पति यानी जूपिटर के चार उपगृहों की खोज की थी। ये उपग्रह थे लो, यूरोपा, गैनीमीड और सेलिस्टो। इसी साल गैलीलियो ने शनि के चारों ओर मौजूद एक विचित्र अंडाकार आकृति का पता लगाया था, जिसे बाद में इसके छल्लों के रूप में जाना गया। इन खोजों ने उस मानसिकता को ही बदल कर रख दिया था कि हम अपने सौर मंडल को कितना जानते हैं।
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आसमान में बेहद करीब होंगे शनि और गुरु.. अमर उजाला के साथ आज लाइव देखें खगोलीय घटना
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इसके 13 साल बाद, 1623 में, हमारे सौर मंडल के दो बड़े गृह बृहस्पति और शनि ने आसमान में एक साथ सफर किया। बृहस्पति शनि के साथ आया और फिर उसे पीछे छोड़ दिया। इस घटना को ग्रेट कंजंक्शन के नाम से जाना जाता है। वाशिंगटन में नासा के प्लैनेटरी साइंस डिवीजन के हेनरी थ्रूप कहते हैं, 'आप सौर मंडल को एक दौड़ के मैदान की तरह मान सकते हैं, जिसमें हर गृह एक धावक है।'

थ्रूप ने आगे कहा, 'अपने लिए सुविधाजनक स्थान से हम बृहस्पति को अंदर की लेन पर देख सकते हैं, जो पूरे महीने का सफर तय करने के बाद शनि गृह  के पास पहुंचेगा और अंत में 21 दिसंबर को इससे आगे निकल जाएगा।' बता दें कि ये गृह नियमित रूप से सौर मंडल में एक दूसरे को पार करते दिखाई देते हैं जिसमें बृहस्पति और शनि की स्थिति लगभग हर 20 साल में एक बार संरेखित होती है।

इसलिए खास है इस साल की ये खगोलीय घटना

ऐसे में सवाल यह उठता है कि फिर इस साल की यह घटना इतनी खास और दुर्लभ क्यों कही जा रही है? दरअसल, ऐसा करीब 400 साल बाद होगा जब ये गृह एक-दूसरे से इतने नजदीक होंगे। इसके अलावा करीब 800 साल बाद ऐसा होगा जब दोनों ग्रह रात में संरेखित होंगे। वहीं इस खगोलीय घटना को लेकर एक और खास बात यह है कि लगभग पूरी दुनिया के लोग इस अद्भुत घटना को देख सकेंगे।

अगर आप भी देखना चाहते हैं ये दृश्य तो ये करें...

  • यह खगोलीय घटना देखने के लिए ऐसी जगह ढूंढें जहां से आसमान की ओर देखने में कोई रुकावट न आए, जैसे की एक खाली क्षेत्र या कोई पार्क। बृहस्पति और शनि दोनों चमकदार हैं इसलिए इन्हें अधिकांश शहरों से देखा जा सकेगा। 
  • सूर्यास्त के करीब एक घंटे बाद आसमान में दक्षिण-पश्चिम की ओर देखें। बृहस्पति एक चमकते सितारे की तरह आसानी से दिखाई देगा। शनि थोड़ा सा तेज होगा और 21 दिसंबर तक बृहस्पति के थोड़ा ऊपर और बाईं ओर दिखाई देगा। इसके बाद बृहस्पति इससे आगे निकल जाएगा।
  • इन दोनों ग्रहों को नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है। लेकिन अगर आपके पास कोई दूरबीन या टेलीस्कोप है, तो आप बृहस्पति के चार बड़े चंद्रमाओं को भी देखने में सक्षम हो सकते हैं, जो विशालकाय ग्रह की परिक्रमा करते हैं।
  • इसके अलावा आप यह नजारा देखने के लिए और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कराने के लिए आप शाम साढ़े पांच बजे से दिए गए लिंक पर क्लिक करके जुड़ सकते हैं। https://meet.google.com/unx-rptq-hzr
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