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फिलीपीन्स में बच्चियों को यौन शोषण से बचाने के लिए कानून बदलने की मांग तेज,हर 53 मिनट पर किसी महिला या बच्ची के साथ दुष्कर्म

Mon, 12 Jul 2021 03:01 PM IST
प्रतिभा ज्योति वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Mon, 12 Jul 2021 03:01 PM IST
सार

फिलीपीन्स में 90 साल पुराने उस कानून को बदलने की मुहिम तेज हो गई है, जिसके तहत 12 साल की उम्र के बच्चियों को यौन सहमति देने के काबिल समझा जाता है। फिलीपीन्स उन देशों में है, जहां बच्चियों के यौन शोषण की सबसे ज्यादा घटनाएं होती हैं।

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the demand for changing the law to protect girls from sexual abuse intensifies in Philippinesthe demand for changing the law to protect girls from sexual abuse intensifies in Philippines
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

उसकी एक बड़ी वजह इस कानून को भी बताया जाता रहा है। आलोचकों का कहना है कि ये कानून यौन शोषकों की मददगार बनता है। इस कानून को आधार बना कर वे कोर्ट में ये दलील देते हैं कि यौन संबंध बनाने के लिए उन्होंने बच्ची की सहमति ले ली थी। जबकि तमाम अध्ययनों से यह जाहिर हो चुका है कि इस उम्र में बच्चियां यौन संबंध का मतलब और उसके संभावित प्रभावों को ठीक जानने में सक्षम नहीं होतीं। 

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सांसदअर्लीन ब्रोसास समेत कई सांसदों ने रखा प्रस्ताव

गैब्रिएला वूमन्स पार्टी से जुड़ी सांसद अर्लीन ब्रोसास ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘फिलीपीन्स में हर 53 मिनट पर किसी महिला या बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है। हमारी राय है कि स्थिति इससे भी ज्यादा बुरी है। बच्चिंयों का यौन शोषण समाज में व्यापक रूप से प्रचलित है।’ ब्रोसास और कई दूसरे सांसदों ने अब संसद में प्रस्ताव रखा है कि यौन संबंध के लिए सहमति देने की उम्र बढ़ा कर 16 वर्ष कर दी जाए। विकसित देशों समेत ज्यादातर देशों में सहमति की यही उम्र तय है। इस संबंध में पेश बिल को कुछ महीने पहले फिलीपीन्स की संसद के निचले सदन- हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने पारित कर दिया था। लेकिन उसके बाद ये मामला लटका हुआ है।
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अगले साल संसदीय चुनाव से पहले बिल पारित कराना जरुरी

विश्लेषकों का कहना है कि फिलीपीन्स में अगले साल संसदीय चुनाव होने वाले हैं। अगर उसके पहले ये बिल पारित नहीं हुआ, तो फिर इसकी पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी होगी। इसका मतलब है कि अभी लंबे समय तक बच्चियों को यौन शोषकों की मर्जी पर छोड़ दिया जाएगा। फिलीपीन्स के सोशल मीडिया कोरोना महामारी के दौरान बच्चियों के यौन शोषण की अनगिनत तस्वीरें वायरल हुई है। इससे पेश बिल के पक्ष में माहौल बना है।
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लेकिन पर्यवेक्षकों को अभी भी भरोसा नहीं है कि ये बिल सचमुच पारित हो जाएगा। वे ध्यान दिलाते हैं कि सामाजिक कार्यकर्ता 1980 के दशक से ही यौन सहमति की उम्र बढ़ाने के लिए अभियान चलाते रहे हैँ। फिलीपीन्स में 1930 में बने कानून में प्रावधान किया गया था कि बलात्कार उसी क्रिया को माना जाएगा, जब अचेतावस्था में किसी महिला से यौन संबंध बनाया गया हो या ऐसी महिला से बनाया गया हो, जिसकी उम्र 12 साल नहीं है।


90 साल पुराने कानून से चल रहा फिलीपीन्स
जिस समय ये कानून बना, उस समय फिलीपीन्स में स्पेन की परंपरा का प्रभाव था। फिलीपीन्स 1898 तक स्पेन का उपनिवेश रहा था। स्पेन की परंपरा में समय यौन सहमति की उम्र उस समय 10 से 12 साल थी। असल में यौन सहमति की उम्र बढ़ाने की शुरुआत 19 सदी में में हुई थी, लेकिन ज्यादातर देशों में ऐसे कानून 20वीं सदी में बने। अमेरिका की जॉर्ज मेसॉन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर स्टीफन रॉबर्ट्सन के मुताबिक साल 1900 तक अमेरिका और ब्रिटेन में यौन सहमति की उम्र को 16 से 19 वर्ष कर दिया गया था। बाकी दुनिया में बाद में ऐसे कानून बने। लेकिन फिलीपीन्स आज भी 90 साल पुराने कानून से ही चल रहा है।

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