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एके-47 बनाने वाली कंपनी ने अब बनाया ‘सुसाइड’ ड्रोन, रक्षा प्रदर्शनी में होगा पेश
Mon, 25 Feb 2019 01:01 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, मास्को
एजेंसी, मास्को
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:01 AM IST
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फाइल फोटो
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रूसी हथियार निर्माता कंपनी क्लाशनिकोव का नाम पूरी दुनिया में अपनी आइकॉनिक असॉल्ट राइफल एके-47 के आविष्कार के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन अब इस कंपनी ने एक ऐसा हथियार बनाया है, जो पूरी दुनिया में आतंकी हमलों से लेकर आतंकवादियों पर होने वाले हमलों तक की शक्ल बदल सकता है। क्लाशनिकोव ने ‘सुसाइड’ ड्रोन विमान तैयार किया है, जिसे कहीं भी बैठकर कंप्यूटर के जरिए अपने किसी दुश्मन के ऊपर गिराकर बम विस्फोट कराया जा सकता है।
क्लाशनिकोव कंपनी साइज में बेहद छोटे और बेहद कम दाम वाले इस विस्फोटक ड्रोन विमान को इस सप्ताह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबु धाबी में होने जा रही एक अहम रक्षा प्रदर्शनी में पेश करेगी। इस रक्षा प्रदर्शनी में विश्व की सभी नामी हथियार निर्माता कंपनियां हर दो साल बाद अपने नवीनतम हथियारों का प्रदर्शन करने के बाद उन्हें बेचने के लिए मार्केट तलाशती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केयूबी-यूएवी के अधिकृत नाम वाला क्लाशनिकोव का यह छोटा आविष्कार इस प्रदर्शनी में पेश किए जाने वाले टैंकों, बख्तरबंद गाड़ियों और लड़ाकू विमानों के सामने बौना लग सकता है, लेकिन इसमें भी अपनी ‘बहन’ एके-47 की तरह वैश्विक स्तर पर लड़ाई का चेहरा बदलने लायक क्षमता है। उनका मानना है कि अपने कम दाम, उच्च दक्षता और उपयोग करने में आसानी के चलते यह ड्रोन अलगाववादियों का पसंदीदा हथियार साबित हो सकता है, जिन्हें फिलहाल किसी पर आत्मघाती हमला करने के लिए किसी इंसान को बम बांधकर भेजना पड़ता है।
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ऐसा है केयूबी-यूएवी
04 फीट है इस ड्रोन की चौड़ाई
30 मिनट तक उड़ान क्षमता
80 मील प्रति घंटा अधिकतम गति
06 पाउंड विस्फोटक ले जाने में सक्षम
40 मील दूर तक उड़ा सकता है निशाने को
पहली बार नहीं बना सुसाइड ड्रोन
विशेषज्ञों का दावा है कि क्लाशनिकोव का सुसाइड ड्रोन अपनी श्रेणी में पहला यूएवी नहीं है, बल्कि इससे पहले खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने बाजार में उपलब्ध आम ड्रोन में विस्फोटक बांधकर ऐसा यूएवी बनाया था। आईएस ने इराक के मोसुल और सीरिया के रक्का में इस विस्फोटक यूएवी को सैन्य बलों और दुश्मन के ठिकानों पर गिराकर उन्हें नुकसान पहुंचाया था।
पिछले साल सीरिया में रूसी सैनिकों के ऊपर ही ऐसे ड्रोन गिराकर आईएस ने सबसे बड़ा सुसाइड ड्रोन हमला किया था। इस हमले में आईएस ने दर्जन भर से भी ज्यादा संख्या में विस्फोटक ड्रोन को जीपीएस की मदद से रूस के हमेइमइम एयरबेस पर गिराया था।
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क्लाशनिकोव कंपनी साइज में बेहद छोटे और बेहद कम दाम वाले इस विस्फोटक ड्रोन विमान को इस सप्ताह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबु धाबी में होने जा रही एक अहम रक्षा प्रदर्शनी में पेश करेगी। इस रक्षा प्रदर्शनी में विश्व की सभी नामी हथियार निर्माता कंपनियां हर दो साल बाद अपने नवीनतम हथियारों का प्रदर्शन करने के बाद उन्हें बेचने के लिए मार्केट तलाशती हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि केयूबी-यूएवी के अधिकृत नाम वाला क्लाशनिकोव का यह छोटा आविष्कार इस प्रदर्शनी में पेश किए जाने वाले टैंकों, बख्तरबंद गाड़ियों और लड़ाकू विमानों के सामने बौना लग सकता है, लेकिन इसमें भी अपनी ‘बहन’ एके-47 की तरह वैश्विक स्तर पर लड़ाई का चेहरा बदलने लायक क्षमता है। उनका मानना है कि अपने कम दाम, उच्च दक्षता और उपयोग करने में आसानी के चलते यह ड्रोन अलगाववादियों का पसंदीदा हथियार साबित हो सकता है, जिन्हें फिलहाल किसी पर आत्मघाती हमला करने के लिए किसी इंसान को बम बांधकर भेजना पड़ता है।
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ऐसा है केयूबी-यूएवी
04 फीट है इस ड्रोन की चौड़ाई
30 मिनट तक उड़ान क्षमता
80 मील प्रति घंटा अधिकतम गति
06 पाउंड विस्फोटक ले जाने में सक्षम
40 मील दूर तक उड़ा सकता है निशाने को
पहली बार नहीं बना सुसाइड ड्रोन
विशेषज्ञों का दावा है कि क्लाशनिकोव का सुसाइड ड्रोन अपनी श्रेणी में पहला यूएवी नहीं है, बल्कि इससे पहले खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने बाजार में उपलब्ध आम ड्रोन में विस्फोटक बांधकर ऐसा यूएवी बनाया था। आईएस ने इराक के मोसुल और सीरिया के रक्का में इस विस्फोटक यूएवी को सैन्य बलों और दुश्मन के ठिकानों पर गिराकर उन्हें नुकसान पहुंचाया था।
पिछले साल सीरिया में रूसी सैनिकों के ऊपर ही ऐसे ड्रोन गिराकर आईएस ने सबसे बड़ा सुसाइड ड्रोन हमला किया था। इस हमले में आईएस ने दर्जन भर से भी ज्यादा संख्या में विस्फोटक ड्रोन को जीपीएस की मदद से रूस के हमेइमइम एयरबेस पर गिराया था।