फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   The child who was handed over to US soldiers for fear of Taliban in Kabul airport is still missing

अफगानिस्तान: तालिबान के डर से मां ने जिस बच्चे को बाड़े के पार फेंककर किया था सैनिकों के हवाले, वह अब तक लापता

Sat, 06 Nov 2021 12:33 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sat, 06 Nov 2021 12:33 PM IST
सार

बच्चे के पिता मिर्जा अली ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे को कई जगह खोजा। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई भी उन्हें उनके बच्चे से नहीं मिला सका। उन्होंने बच्चे को 19 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट पर सौंपा था। 

विज्ञापन
The child who was handed over to US soldiers for fear of Taliban in Kabul airport is still missing
तालिबानी के सत्ता में आने के बाद काबुल एयरपोर्ट की वायरल तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान की एक तस्वीर वायरल हुई थी। इस तस्वीर ने तालिबानी हुकूमत की वीभत्सता को दुनिया के सामने लाकर हर किसी को झकझोर दिया था। यह तस्वीर थी एक बच्चे की, जिसको बचाने के लिए उसके अफगानी माता-पिता उसे अमेरिकी सैनिकों के हवाले कर रहे थे। इस तस्वीर ने यह बताया था कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद आम जनजीवन किस कदर डर के साए में जिंदगी गुजार रहा था, लेकिन अब सामने आया है कि जिस बच्चे को अमेरिकी सैनिकों के हवाले किया गया था, वह अभी तक लापता है। 

विज्ञापन


सामने आया माता-पिता का बयान 
बच्चे के माता-पिता मिर्जा अली अहमदी और उसकी पत्नी सुराया ने बताया कि 19 अगस्त को उन्होंने अपने बच्चे को बचाने के लिए उन्हें काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैनिकों के हवाले किया था। उन्हें उम्मीद थी कि वे जल्द ही बाड़ा पार करके बच्चे के पास पहुंच जाएंगे, लेकिन तालिबानी लड़ाकों ने उन्हें पीछे धकेल दिया और उन्हें बच्चे तक पहुंचने में समय लगा, लेकिन जब वह वहां पहुंचे बच्चा वहां नहीं मौजूद था। 
विज्ञापन


कहीं भी नहीं मिला बच्चा 
पिता मिर्जा अली अहमदी ने बताया कि जब वे अमेरिकी सैनिकों के पास पहुंचे और बच्चे के बारे में जानकारी की तो बताया गया कि बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए उसे अमेरिकी कैंप में रखा गया है, लेकिन वह बच्चा वहां भी नहीं मिला। मिर्जा अली ने बताया कि उसने 10 साल तक अमेरिकी सहयोगी के रूप में काम किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिका में है परिवार 
मिर्जा व उनके परिवार को कतर से जर्मनी होते हुए अमेरिका लाया गया था। उनका परिवार यहां शरणार्थी के रूप में रह रहा है। वह बताते हैं कि उन्होंने कई अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से बात की, लेकिन उनके बच्चे के बारे में किसी ने जानकारी नहीं दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed