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Indian Air Force: भारतीय राजदूत ने थाई नौसैनिक हवाई अड्डे पर भारतीय वायुसेना के दल की अगवानी की
Mon, 09 Jan 2023 12:51 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, एएनआई, बैंकाक
वर्ल्ड न्यूज, एएनआई, बैंकाक
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 09 Jan 2023 12:51 AM IST
सार
सितंबर, 2022 टोक्यो में आयोजित हुई विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान भारत और जापान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने और अधिक सैन्य अभ्यास में शामिल होने पर सहमति बनी थी। इसमें पहला संयुक्त लड़ाकू जेट अभ्यास शामिल है।
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भारतीय राजदूत नागेश सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय राजदूत नागेश सिंह ने रविवार को बैंकॉक के दक्षिण-पूर्व में स्थित यू-तपाओ नेवल एयर बेस पर भारतीय वायु सेना के एक टूकड़ी की आगवानी की। यह दल 12 से 26 जनवरी 2023 तक जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के साथ पहले अभ्यास वीर गार्जियन 2023 में भाग लेगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायु सेना में भाग लेने वाले भारतीय दल में चार Su-30 MKI, दो C-17 और एक IL-78 विमान शामिल होंगे, जबकि जेएएसडीएफ चार F-2 और चार F-15 विमान भी हिस्सा लेंगे।
पिछले साल बनी थी अभ्यास करने की सहमति
सितंबर, 2022 टोक्यो में आयोजित हुई विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान भारत और जापान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने और अधिक सैन्य अभ्यास में शामिल होने पर सहमति बनी थी। इसमें पहला संयुक्त लड़ाकू जेट अभ्यास शामिल है।
रक्षा सहयोग होंगे मजबूत
इस तरह यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को गहरा करने और रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम होगा। इस दौरान दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच विभिन्न हवाई युद्ध अभ्यास में शामिल होंगे। दोनों पक्षों के विशेषज्ञ विभिन्न परिचालन पहलुओं पर अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए भी चर्चा करेंगे। अभ्यास 'वीर गार्जियन' लंबे समय से चले आ रहे दोस्ती के बंधन को मजबूत करेगा और दोनों वायु सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग के रास्ते बढ़ाएगा।
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पिछले साल बनी थी अभ्यास करने की सहमति
सितंबर, 2022 टोक्यो में आयोजित हुई विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान भारत और जापान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने और अधिक सैन्य अभ्यास में शामिल होने पर सहमति बनी थी। इसमें पहला संयुक्त लड़ाकू जेट अभ्यास शामिल है।
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रक्षा सहयोग होंगे मजबूत
इस तरह यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को गहरा करने और रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम होगा। इस दौरान दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच विभिन्न हवाई युद्ध अभ्यास में शामिल होंगे। दोनों पक्षों के विशेषज्ञ विभिन्न परिचालन पहलुओं पर अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए भी चर्चा करेंगे। अभ्यास 'वीर गार्जियन' लंबे समय से चले आ रहे दोस्ती के बंधन को मजबूत करेगा और दोनों वायु सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग के रास्ते बढ़ाएगा।
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