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Pakistan: इमरान खान पर आतंकवाद फैलाने के आरोप, US बोला- हम पाकिस्तान में किसी राजनीतिक दल के समर्थक नहीं
Tue, 23 Aug 2022 06:17 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 23 Aug 2022 06:17 PM IST
सार
गौरतलब है कि इमरान खान (69) पर आतंक-रोधी कानून के तहत केस दर्ज है। उन्होंने इन आरोपों के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। उन्हें 25 अगस्त को ही ट्रांजिट बेल मिली थी।
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इमरान खान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान में किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करता है। अमेरिका का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इसी को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से जब सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि वे पाकिस्तान में शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक, संवैधानिक और कानूनी सिद्धांतों के पालन का समर्थन करते हैं।
गौरतलब है कि इमरान खान (69) पर आतंक-रोधी कानून के तहत केस दर्ज है। उन्होंने इन आरोपों के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। उन्हें 25 अगस्त को ही ट्रांजिट बेल मिली थी।
इसी मुद्दे को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि उन्हें इमरान पर लगे आरोपों की जानकारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इनका निपटारा पाकिस्तान के ही कानूनी और न्यायिक प्रणालियों को करना है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका का मुद्दा नहीं है, क्योंकि हमारा किसी भी राजनीतिक दल और व्यक्ति से कोई जुड़ाव नहीं है।
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इससे पहले पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया और इस्लामाबाद में एक रैली के दौरान एक महिला न्यायाधीश के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में उनके खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही में उन्हें 31 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी, न्यायमूर्ति बाबर सत्तार और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब की सदस्यता वाली इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की पीठ ने इमरान से 31 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उसके सामने पेश होने को कहा। अदालत ने बीते शनिवार को इस्लामाबाद में अपने भाषण के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को ‘धमकी’ देने पर 69 वर्षीय इमरान के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए सोमवार को एक बड़ी पीठ का गठन किया था।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति कयानी ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान की टिप्पणी को ‘अनुचित’ करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों को नियंत्रित करने पर जोर देते हुए कहा कि मामला केवल इस्लामाबाद उच्च न्यायालय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संदेश उच्चतम स्तर तक जा रहा है।
न्यायमूर्ति कयानी ने कहा, “इमरान लगातार न्यायपालिका और पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। इस पर विराम लगना चाहिए।” न्यायमूर्ति मियांगुल ने कहा कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
इमरान ने शनिवार को एफ-9 पार्क में आयोजित एक रैली में इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस उप-महानिरीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी देते हुए कहा था, “हम आपको बख्शेंगे नहीं।” उन्होंने न्यायपालिका पर अपनी पार्टी के प्रति ‘पक्षपातपूर्ण’ रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
इमरान ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। चौधरी ने इस्लामाबाद पुलिस के अनुरोध पर इमरान के सहयोगी शहबाज गिल को दो दिन हिरासत में लेने की मंजूरी दे दी थी। गिल को पिछले हफ्ते देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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गौरतलब है कि इमरान खान (69) पर आतंक-रोधी कानून के तहत केस दर्ज है। उन्होंने इन आरोपों के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। उन्हें 25 अगस्त को ही ट्रांजिट बेल मिली थी।
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इसी मुद्दे को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि उन्हें इमरान पर लगे आरोपों की जानकारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इनका निपटारा पाकिस्तान के ही कानूनी और न्यायिक प्रणालियों को करना है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका का मुद्दा नहीं है, क्योंकि हमारा किसी भी राजनीतिक दल और व्यक्ति से कोई जुड़ाव नहीं है।
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इससे पहले पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया और इस्लामाबाद में एक रैली के दौरान एक महिला न्यायाधीश के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में उनके खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही में उन्हें 31 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी, न्यायमूर्ति बाबर सत्तार और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब की सदस्यता वाली इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की पीठ ने इमरान से 31 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उसके सामने पेश होने को कहा। अदालत ने बीते शनिवार को इस्लामाबाद में अपने भाषण के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को ‘धमकी’ देने पर 69 वर्षीय इमरान के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए सोमवार को एक बड़ी पीठ का गठन किया था।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति कयानी ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान की टिप्पणी को ‘अनुचित’ करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों को नियंत्रित करने पर जोर देते हुए कहा कि मामला केवल इस्लामाबाद उच्च न्यायालय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संदेश उच्चतम स्तर तक जा रहा है।
न्यायमूर्ति कयानी ने कहा, “इमरान लगातार न्यायपालिका और पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। इस पर विराम लगना चाहिए।” न्यायमूर्ति मियांगुल ने कहा कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
इमरान ने शनिवार को एफ-9 पार्क में आयोजित एक रैली में इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस उप-महानिरीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी देते हुए कहा था, “हम आपको बख्शेंगे नहीं।” उन्होंने न्यायपालिका पर अपनी पार्टी के प्रति ‘पक्षपातपूर्ण’ रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
इमरान ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। चौधरी ने इस्लामाबाद पुलिस के अनुरोध पर इमरान के सहयोगी शहबाज गिल को दो दिन हिरासत में लेने की मंजूरी दे दी थी। गिल को पिछले हफ्ते देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।