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बांग्लादेश: ढाका में फिर भड़का आरक्षण विरोधी आंदोलन, प्रदर्शनकारियों का पीएम शेख हसीना के साथ बातचीत से इनकार
Sat, 03 Aug 2024 08:42 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Sat, 03 Aug 2024 08:42 PM IST
सार
बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी छात्र विवादित आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके तहत बांग्लादेश के लिए वर्ष 1971 में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियां आरक्षित की गईं हैं।
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बांग्लादेश हिंसा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी है। शनिवार को एक बार फिर से बांग्लादेश में तनाव बढ़ गया। आंदोलन कर रहे छात्रों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के बातचीत के निमंत्रण के ठुकरा दिया है। आपको बता दें कि बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है और इसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका की प्रमुख सड़कों की घेराबंदी कर दी।
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बांग्लादेश में क्यों हो रहा है विरोध प्रदर्शन
आपको बता दें कि बांग्लादेश में हाल ही में पुलिस और छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिसंक झड़पें हुईं हैं। दरअसल, प्रदर्शनकारी छात्र विवादित आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके तहत बांग्लादेश के लिए वर्ष 1971 में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्रामियों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियां आरक्षित की गईं हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने ढाका की प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध किया
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने ढाका की प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है। इस वजह से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उधर, अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों को सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने ढाका में कई जगह प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है।
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पीएम शेख हसीना ने किया था बातचीत का अनुरोध
शुक्रवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के माध्यम से हिंसा को खत्म करने का अनुरोध किया था। शेख हसीना ने अपने आधिकारिक आवास में बातचीत के लिए छात्रों को आमंत्रित किया था। शुक्रवार को राजधानी ढाका के विभिन्न क्षेत्रों में हुए प्रदर्शन में दो लोगों की मौत हो गई थी और करीब 100 लोग घायल हो गए थे। बताया गया है कि ढाका के विभिन्न क्षेत्रों में दो हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने पीड़ितों को न्याय देने के लिए नारेबाजी भी की। अलग-अलग समूहों के नेताओं के साथ बैठक के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा,‘मैं दोबारा कह रही हूं कि छात्र नेताओं को बातचीत के लिए मेरे पास आना चाहिए। अगर वे चाहते हैं तो अपने अभिभावकों को भी अपने साथ ला सकते हैं। मैं उन्हें सुनना चाहती हूं और किसी भी तरह का संघर्ष नहीं चाहती।’ उधर, बांग्लादेश की सत्ताधारी आवामी लीग के सूत्रों का कहना है कि पार्टी के तीन नेताओं को आरक्षण विरोधी आंदोलन के समन्वयकों से बातचीत करने का काम सौंपा गया है।
पुलिस फायरिंग में एक छात्र की मौत
इस बीच उच्च अधिकारियों ने गैरजिम्मेदाराना व्यवहार के लिए दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। दरअसल, पुलिस कर्मियों द्वारा की गई फायरिंग में रंगपुर विश्वविद्यालय के द्वितीय वर्ष के एक छात्र की मौत हो गई थी। इसके बाद से छात्रों का आक्रोश और अधिक भड़क गया। उधर, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे सरकार के साथ बात करने के लिए सहमत नहीं हैं। छात्रों ने शुक्रवार की रात राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।