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श्रद्धांजलि पर बवाल: तियानमेन चौक नरसंहार की बरसी पर हांगकांग में तनाव

Sat, 05 Jun 2021 01:23 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, हांगकांग।
एजेंसी, हांगकांग। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 05 Jun 2021 01:23 AM IST
सार

  • लोकतंत्र समर्थक चाउ हैंग-तुंग गिरफ्तार
  • पुलिस ने घटना की 32वीं सालगिरह नहीं मनाने को कहा

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tension in hong kong on the 32nd anniversary of tiananmen square massacre
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : social media

विस्तार

चीन में 1989 को तियानमेन चौक पर हुए नरसंहार के खिलाफ कोई भी आंदोलन दबाने की शुरू से कोशिश की है। इसी के तहत नरसंहार की 32वीं बरसी पर हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों ने मोमबत्ती जलाकर जब उस घटना को याद करना चाहा तो उन्हें इसके लिए चेतावनी दी गई।इस बीच पुलिस ने 30 वर्षीय लोकतंत्र समर्थक चाउ हैंग-तुंग को गिरफ्तार कर लिया।घटना से हांगकांग में काफी तनाव है।

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बता दें कि चीन प्रशासन तियानमेन चौक पर हुए भीषण नरसंहार से जुड़े विरोध के किसी भी सुर को अब तक दबाता आया है। हांगकांग में गत वर्ष विक्टोरिया पार्क में पाबंदी के बावजूद हजारों लोकतंत्र समर्थकों ने एकत्र होकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी थी और तब पुलिस के साथ उनका जबरदस्त टकराव हुआ था।
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इसी कारण इस बार विक्टोरिया पार्क क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया था। इस बीच, हांगकांग गठबंधन के उपाध्यक्षों में से एक चाउ हैंग-तुंग ने अपने फेसबुक पेज पर लोगों से अपील की थी कि वे तियानमेन चौक नरसंहार के मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मोमबत्ती जरूर जलाएं।
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उन्होंने यह भी लिखा कि वे इस बार भी विक्टोरिया पार्क जाकर श्रद्धांजलि देंगी। इस कारण पुलिस ने लोकतंत्र समर्थक हैंग-तुंग को पहचान लिया और सुबह ही लोक व्यवस्था की धारा-17ए के तहत गिरफ्तार कर लिया। 

ब्लिंकेन के बयान से चीन चिढ़ा
नरसंहार की 32 वीं बरसी पर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने ट्वीट किया कि तियानमेन चौक पर हजारों लोगों पर कार्रवाई और उनकी मौत महज इसलिए की गई कि वे अपने अधिकारों के तहत प्रदर्शन कर रहे थे। मानवाधिकार सार्वभौमिक है और सभी सरकारों को इसका सम्मान करना चाहिए। इस ट्वीट पर चीन चिढ़ गया है। विदेश मंत्रालय ने इसे चीन के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी बताया।

चीन में 1989 में हुआ था नरसंहार
32 साल पहले चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के सर्वोच्च पद पर आसीन उदारवादी नेता हू याओबैंग की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद हजारों छात्रों और मजदूरों ने प्रदर्शन किया और 3 व 4 जून 1989 को कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार ने इन प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाते हुए टैंक चढ़ा दिए। इस घटना में तत्कालीन ब्रिटेन के राजदूत के अनुसार दस हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।


घटना से जुड़े निशान दबाने की तैयारी
चीन ने बीजिंग के तियानमेन चौक पर लोकतंत्र समर्थकों पर 1989 की खूनी कार्रवाई पर कोई भी चर्चा अपने मुख्य भूभाग पर नहीं होने दी और अब ऐसा ही कुछ वह हांगकांग में भी करने जा रहा है। हांगकांग के सुरक्षा मंत्री ने पिछले हफ्ते निवासियों को अवैध रूप से एकत्रित होने के खिलाफ आगाह किया था। चीन की कोशिश है कि वह इस घटना से जुडे़ हर निशान को दबा दे।

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