फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Tehreek-e-Labbaik Pakistan chief Saad Rizvi has been released from jail after a secrete deal with the government

पाकिस्तान: टीएलपी मुखिया साद रिजवी जेल से रिहा, सरकार से गुप्त समझौते के बाद हुई रिहाई 

Thu, 18 Nov 2021 07:20 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Amit Mandal Updated Thu, 18 Nov 2021 07:20 PM IST
सार

पंजाब के गृह विभाग द्वारा पिछले हफ्ते एक अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें रिजवी का नाम आतंकवाद विरोधी अधिनियम 1997 की चौथी अनुसूची से हटा दिया गया था।

विज्ञापन
Tehreek-e-Labbaik Pakistan chief Saad Rizvi has been released from jail after a secrete deal with the government
Saad Rizvi - फोटो : Facebook

विस्तार

तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान के मुखिया साद रिजवी को जेल से रिहा कर दिया गया है। टीएलपी प्रमुख साद रिजवी अपनी रिहाई के बाद रहमतुल लील अलामीन मस्जिद पहुंचे। पिछले महीने सरकार और टीएलपी के बीच हुई गुप्त समझौते के बाद ये फैसला लिया गया है। रिजवी की रिहाई के लिए टीएलपी ने सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन भी किया था। 

विज्ञापन


12 अप्रैल से हिरासत में था रिजवी 
उनकी नजरबंदी के लिए सुप्रीम कोर्ट के संघीय समीक्षा बोर्ड में दायर एक अर्जी के वापस लेने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। टीएलपी प्रमुख को 12 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था। इससे तीन दिन पहले संघीय सरकार ने टीएलपी को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत एक प्रतिबंधित संगठन घोषित किया था और इसके खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की थी।
विज्ञापन


सरकार ने पिछले महीने टीएलपी के हिंसक विरोध के बाद पार्टी के साथ एक समझौता किया था, जिसके बाद संगठन का नाम पहली अनुसूची से हटा दिया गया था। इसे बाद रिज़वी का नाम चौथी अनुसूची से हटा दिया गया था और उनके कई समर्थकों को जेल से रिहा कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


टीएलपी ने दिया था धरना, हुआ था हिंसक प्रदर्शन 
पंजाब के गृह विभाग द्वारा पिछले हफ्ते एक अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें रिजवी का नाम आतंकवाद विरोधी अधिनियम 1997 की चौथी अनुसूची से हटा दिया गया था। इस अनुसूची में रिजवी का नाम 16 अप्रैल को जोड़ा गया था। टीएलपी ने इस महीने की शुरुआत में सरकार के साथ सफल वार्ता और 31 अक्टूबर को पार्टी के साथ एक समझौते पर पहुंचने के बाद लंबे समय तक धरना समाप्त करने की घोषणा की। मुफ्ती मुनीब-उर-रहमान ने इसे इस्लाम के लिए जीत घोषित किया था।


हालांकि, सौदे में क्या-क्या तय हुआ ये अभी सामने नहीं आया है। 13 नवंबर को संघीय आंतरिक मंत्री शेख रशीद अहमद ने कहा था कि समझौते का विवरण 10 दिनों के भीतर सामने आ जाएगा।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed