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Afghanistan: तालिबान ने काबुल हमले के पीड़ितों के लिए महिलाओं को रक्तदान करने से मना किया, जानें पूरा मामला

Sat, 01 Oct 2022 06:41 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sat, 01 Oct 2022 06:41 PM IST
सार

इससे पहले इसी साल आठ मार्च को भी महिलाओं के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। तब अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को रक्तदान करने से महिलाओं को तालिबान ने रोक दिया था। उनसे कहा गया था कि तालिबान महिलाओं का खून नहीं लेता है। 

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Taliban refuses to allow women to donate blood for the victims of the Kabul attack
तालिबान। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए आत्मघाती हमले के बाद सामने आया है कि तालिबान ने वहां की महिलाओं को पश्चिमी जिले दशते बारची में हुए नृशंस हमले के पीड़ितों को रक्तदान करने से मना कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। काबुल के एक शिक्षा केंद्र में आत्मघाती बम विस्फोट हुआ है। इसमें कम से कम 100 बच्चों की मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया की मानें तो घटना में ज्यादातर छात्र मारे गए हैं। ज्यादातर हजारा और शिया थे। हजारा अफगानिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह है। 

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टोरंटो के एक पत्रकार ने वहां के कुछ वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किए हैं। इसमें महिलाओं को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि तालिबान आत्मघाती हमले के पीड़ितों के लिए उनके रक्त को स्वीकार नहीं कर रही है। इस पर जब महिलाओं ने सवाल किया कि उनके खून में क्या दिक्कत है, इस पर महिलाओं को वहां से हटा दिया जाता है। 
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पहली बार नहीं जब महिलाओं के साथ हुआ हो ऐसा व्यवहार
गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है जब महिलाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा हो। अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता स्थापित होने के बाद से महिलाओं के साथ ज्यादतियां और भेदभाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले इसी साल आठ मार्च को भी महिलाओं के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। तब अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को रक्तदान करने से महिलाओं को तालिबान ने रोक दिया था। उनसे कहा गया था कि तालिबान महिलाओं के खून को नहीं लेता है। 
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जानकारी के मुताबिक, विस्फोट शहर के पश्चिम में दश्त-ए-बारची इलाके में काज शिक्षा केंद्र में हुआ। यहां यह एक नकली विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा चल रही थी। इसका मकसद छात्रों को असली परीक्षा के लिए तैयार करना था। कक्षा खचाखच भरी थी। तभी यह हादसा हुआ। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।

तालिबान के एक अधिकारी ने बताया, राजधानी काबुल के शिया बहुल इलाके में शुक्रवार सुबह हमला किया गया। यहां दशती बारची इलाके में एक शिक्षा संस्थान के अंदर विस्फोट हुआ। प्रवक्ता अब्दुल नफी टकोर ने बताया, जानकारी बाद सुरक्षा बलों को घटनास्थल पर रवाना किया गया है। अभी तक हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। 


काबुल हमला : अस्पतालों में फर्श पर लगी शवों की कतार
अफगानिस्तानी के दश्त-ए-बारची इलाके में जिस स्कूल परिसर में हमलावर ने धमाका किया वहां पूरे क्षेत्र में भगदड़ के वीडियो सोशल मीडिया पर दिखाई दिए। टोलो न्यूज में कक्षा की क्षतिग्रस्त टेबलें और मलबा दिखा। अस्पताल फर्श पर शवों की कतार दिखाई दी। धमाके के बाद कई माता-पिता अपने बच्चों को ढूंढते दिखाई दिए। 

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