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Afghanistan: तालिबान ने मीडिया को दोबारा हाशिये पर धकेला, पाबंदी जारी

Sun, 11 Dec 2022 01:03 AM IST
Amit Mandal एजेंसी, काबुल।
एजेंसी, काबुल। Published by: Amit Mandal Updated Sun, 11 Dec 2022 01:03 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने कहा, अगस्त 2021 से अफगानिस्तान में 200 से ज्यादा पत्रकारों के मानवाधिकारों हनन का दर्जा दिखाई दिया है। 

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Taliban marginalises media again, ban continues
तालिबान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अफगानिस्तान में मीडिया कर्मियों के पक्ष में रणनीति साझा करने के बजाय तालिबान ने देश के मीडिया आउटलेट्स को एक बार फिर हाशिये पर धकेल दिया। खामा प्रेस ने तालिबान के हवाले से बताया कि अधिकारी मीडिया क लिए एक उचित दिशानिर्देश तैयार करने की योजना बना रहे हैं। बल्ख प्रांत में एक सभा के बाद सूचना व संस्कृति विभाग के कार्यकारी मोहम्मद यूनिस राशिद ने कहा, अभी पाबंदी जारी रहेंगी।

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राशिद की यह टिप्पणी उत्तरी मजार-ए-शरीफ में मीडिया और तालिबान की कार्यवाहक सरकार के बीच हाल ही में बैठक हुई। इसमें पत्रकारों की स्वतंत्रता के लिए रोडमैम तैयार करने के बजाय मीडिया आउटलेट्स पर और प्रतिबंध जारी रखे। बल्ख के एक निजी मीडिया आउटलेट के प्रमुख अब्दुल बशीर आबिद ने कहा, मौजूदा शासन में हम मीडिया पर नियंत्रण को महसूस कर रहे हैं। बैठक में ब्लूप्रिंट की कमी के चलते हम गंभीर चुनौतियां महसूस कर रहे हैं। खामा प्रेस के स्थानीय पत्रकार सैयद मोहम्मद यज्दान ने कहा कि सरकार को ऐस नीति पेश करना चाहिए जो दोनों के बीच एक पुल का काम कर सके। कई मानवाधिकार संगठनों ने अफगानिस्तान में पत्रकारों के खिलाफ उल्लंघनों की निंदा की। उधर, देश में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने भी नवंबर की रिपोर्ट में कम से कम 200 पत्रकारों के मानवाधिकार हनन की बात कही।
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अफगानिस्तान का मीडिया संकट में
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने कहा, अगस्त 2021 से अफगानिस्तान में 200 से ज्यादा पत्रकारों के मानवाधिकारों हनन का दर्जा दिखाई दिया है। इसमें रिकॉर्ड संख्या में मनमानी गिरफ्तारी, दुर्व्यवहार, धमकी और डराना शामिल है। यूएनएएमए ने ट्वीट किया, अफगानिस्तान में मीडिया संकट में है। यहां तालिबान कब्जे के बाद से ही उसने देश में लैंगिक समानता और अभिव्यक्ति की आजादी, महिला अधिकारों की प्रगति और मीडिया की स्वायत्तता वापस ले ली थी। अब पिछले दिनों में मीडिया पर अंकुश और बढ़ा दिया गया है।     --------
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इस साल दुनियाभर में मारे गए 67 मीडियाकर्मी
अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संघ (आईएफजे) द्वारा ब्रुसेल्स में जारी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल दुनियाभर में अब तक कम से कम 67 पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे जा चुके हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 47 थी। आईएफजे के अनुसार, इस साल दुनियाभर में कम से कम 375 पत्रकारों को उनके काम के चलते गिरफ्तार किया गया है। हांगकांग, चीन, म्यांमार और तुर्किये में सबसे ज्यादा संख्या में पत्रकारों को सलाखों के पीछे धकेला गया है। पिछले साल काम के चलते गिरफ्तार किए जाने वाले पत्रकारों की 365 बताई गई थी।

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