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भरोसा: पंजशीर में तालिबान का विरोध जारी, अहमद शाह मसूद की भतीजी अमीना को भारत से समर्थन की उम्मीद

Sun, 19 Sep 2021 05:40 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, काबुल
एजेंसी, काबुल Published by: देव कश्यप Updated Sun, 19 Sep 2021 05:40 AM IST
सार

शाह मसूद की भतीजी अमीना जिया अफगानिस्तान की एक प्रमुख महिला कार्यकर्ता और लेखिका भी हैं। उन्होंने कहा कि मैं जानती हूं कि भारत सरकार, तालिबान पर भरोसा नहीं करती है। अमीना ने कहा, मुझे उम्मीद है कि भारत तालिबान शासन को मान्यता नहीं देगा और अफगान शरणार्थियों की मदद करेगा। 

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Taliban in Panjshir protests continue Ahmad Shah Massoud niece Amina expects support from India
Amina Zia Massoud - फोटो : Twitter: @AminaZiaMassoud

विस्तार

अफगानिस्तान में तालिबान के हाथों मारे गए पंजशीर का शेर कहे जाने वाले सैन्य कमांडर अहमद शाह मसूद की भतीजी अमीना जिया शाह ने कहा है कि वह भारत-अफगान रिश्तों के लिए बहुत आभारी हैं। उन्होंने भारत को अफगानिस्तान का सदाबहार मित्र बताते हुए उम्मीद जताई है कि वह उनके देश में तालिबान से संघर्ष करने वालों का समर्थन करेगा।

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शाह मसूद की भतीजी अमीना जिया अफगानिस्तान की एक प्रमुख महिला कार्यकर्ता और लेखिका भी हैं। उन्होंने एक भारतीय चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब तालिबान पहली बार सत्ता में आया था, मेरा परिवार काबुल में था। हम पहली उड़ान से नई दिल्ली आ गए थे। इसलिए मैंने अपने बचपन के दो साल नई दिल्ली में बिताए। इसीलिए मेरा भारत के साथ निजी रूप से विशेष लगाव है। जहां तक भारत की भूमिका का सवाल है, मैं उम्मीद करती हूं कि वह तालिबान के विरोध का समर्थन करेगा। मैं जानती हूं कि भारत सरकार, तालिबान पर भरोसा नहीं करती है। अमीना ने कहा, मुझे उम्मीद है कि भारत तालिबान शासन को मान्यता नहीं देगा और अफगान शरणार्थियों की मदद करेगा। 

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पंजशीर में दहशतगर्द समूह के खिलाफ प्रतिरोध जारी
तालिबान के पंजशीर पर कब्जा करने और नेशनल रेसिस्टेंट फोर्स (एनआरएफ) द्वारा इन दावों को खारिज करने के बारे में अमीना ने कहा प्रतिरोध अब भी जारी है। पंजशीर को लेकर दोनों पक्षों की ओर से कई फर्जी खबरें सामने आई हैं। लेकिन मैं आपको बता सकती हूं कि पंजशीर में प्रतिरोध अभी भी जारी है। इसकी भौगोलिक स्थितियों के कारण पंजशीर पर कब्जा करना बहुत कठिन है। मैं समझती हूं कि तालिबान को भी इस बात का अहसास है।

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