तालिबान का फरमान: कामकाजी महिलाएं इजाजत मिलने तक घरों में रहें, पूर्व मेयर गफारी ने कही यह बात
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद हालात और भी खराब होते जा रहे हैं। अब खबर है कि यहां कामकाजी महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने के लिए कहा गया है।
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अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद हालात और भी खराब होते जा रहे हैं। अब खबर है कि यहां कामकाजी महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने के लिए कहा गया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक अफगान सरकार की महिला कर्मचारियों को इस संबंध में हिदायत दी गई है। वहीं दूसरी ओर कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं, जो डटकर तालिबान के आतंक का सामना करने को तैयार हैं। जरीफा गफारी उन्हीं में से एक हैं।
काबुल के पश्चिम में स्थित मैदान शहर की देश की पहली महिला मेयरों में से एक जरीफा गफारी ने मंगलवार को एक साक्षात्कार में कहा कि तालिबानी मेरे घर आए, वे मुझे ढूंढ रहे थे और उन्होंने मेरे हाउस गार्ड को भी पीटा। उनके पास पहले उदार दृष्टिकोण अपनाने वाले लोगों की सूची है।
गफारी ने कहा कि अफगानिस्तान हमारा था और यह हमारा रहेगा चाहे कोई भी आए। अगर मेरे जैसी महिलाएं अब नहीं हैं तो ऐसा इसलिए है क्योंकि... एक बाघ की तरह जो दो कदम पीछे हटकर और अधिक ताकत के साथ वापस आता है... हमें दुनिया को अफगानिस्तान में तालिबान का असली चेहरा दिखाना होगा।The Taliban came to my house in Afghanistan, they were searching for me & they also beat my house guard. They have a list of people who took a liberal approach earlier: Zarifa Ghafari, who was one of the country's first female mayors of Maidan Shahr that lies west of Kabul pic.twitter.com/lqKtVMy3uI
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 24, 2021
उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य विभिन्न देशों के उच्च पदस्थ अधिकारियों, राजनेताओं और महिलाओं से मिलना है ताकि उन्हें अफगानिस्तान की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जा सके और उन्हें एक आंदोलन शुरू करने में शामिल होने के लिए कहा जा सके। गफारी ने यह भी कहा कि मैं तालिबान के नेताओं से बात करना चाहती हूं। मैं जिम्मेदारी ले रही हूं। मैं अपने पिता की मृत्यु को भी भूल रही हूं। मैं हर महिला की ओर से उनके साथ बातचीत करना चाहती हूं।
पूछे जाने पर कि क्या तालिबान को अफगान लोगों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा? उन्होंने कहा कि हां निश्चित रूप से, क्या आप जानते हैं कि वे (तालिबान) मेरे जैसे लोगों को क्यों मार रहे हैं? क्योंकि वे नहीं चाहते कि दूसरे लोग जानें कि वे क्या हैं। वे नहीं चाहते कि अफगान उनके खिलाफ खड़े हों।
पाकिस्तान की भूमिका स्पष्ट
अफगानिस्तान में हाल की स्थिति में पाकिस्तान जैसे देशों की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर पूर्व मेयर जरीफा गफारी ने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका बहुत स्पष्ट है, अफगानिस्तान का हर बच्चा यह जानता है। अफगानिस्तान आज जो कुछ भी झेल रहा है, उसके लिए स्थानीय लोगों, राजनेताओं, बच्चों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय सहित सभी को दोषी ठहराया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने कभी भी एकजुट होकर सभी गलत चीजों और यहां तक कि आतंकवाद के खिलाफ आवाज नहीं उठाई।
अफगानी अजेय हैं, कितने लोगों को मार सकता है तालिबान
पूर्व मेयर ने कहा कि मैं किसी को माफ नहीं कर सकती क्योंकि आज मैंने पिछले 20 वर्षों की सभी उपलब्धियां खो दी हैं। मेरे पास आज कुछ नहीं बचा है। मेरे पास आज सिर्फ मेरी जमीन की मिट्टी है। गफारी ने कहा कि मुझे परवाह नहीं है कि तालिबान कुछ करता है या नहीं क्योंकि हम (अफगान) अजेय हैं। उन्होंने सवाल किया कि तालिबान कितने लोगों को मार सकता है?