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अफगान संकट: तालिबान ने शपथ ग्रहण समारोह को हमेशा के लिए किया रद्द, कहा- पैसे की बर्बादी रोकने के लिए लिया फैसला
Sat, 11 Sep 2021 02:32 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 11 Sep 2021 02:32 PM IST
सार
तालिबानी सरकार ने अब अपने शपथ ग्रहण समारोह को हमेशा के लिए रद्द कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पैसों की बर्बादी का हवाला देकर शपथ-ग्रहण समारोह को रद्द किया गया है।
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तालिबान (फाइल)
विस्तार
अमेरिका की 9/11 आतंकी हमले की 20वीं बरसी के मौके पर अपनी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तालिबान ने यूटर्न ले लिया है। दरअसल, तालिबानी सरकार ने अब अपने शपथ ग्रहण समारोह को हमेशा के लिए रद्द कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तालिबान सरकार ने पैसों की बर्बादी का हवाला देकर शपथ-ग्रहण समारोह को रद्द कर दिया है। इससे पहले उम्मीद जताई गई थी कि आज यानी 11 सितंबर को 9/11 आतंकी हमले की बरसी के मौके पर तालिबान सरकार शपथ ग्रहण समारोह करेगी। हालांकि तालिबान का यह बयान लोगों के गले नहीं उतर रहा है क्योंकि सभी समझते हैं कि आतंकी गतिविधि को चलाने के लिए तालिबान हद से अधिक पैसे की बर्बादी करता है।
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वहीं कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तालिबान ने उद्घाटन समारोह में रूस, ईरान, चीन, कतर और पाकिस्तान को आमंत्रित किया था। लेकिन रूस ने कथित तौर पर कतर को सूचित कर दिया है कि अगर यह 9/11 की बरसी पर आयोजित होता है तो वह उद्घाटन समारोह में भाग नहीं लेगा। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और उसके नाटो सहयोगी कतर सरकार पर तालिबान को उद्घाटन समारोह पूरी तरह से आयोजित करने के खिलाफ सलाह देने के लिए दबाव डाल रहे थे, क्योंकि इस दिन को चुनना एक अमानवीय कदम के रूप में सामने आएगा। माना जा रहा है कि बड़े देशों द्वारा बनए गए चौतरफा दबाव के कारण ही तालिबान को यह कदम उठाना पड़ा है।
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बता दें कि तालिबान ने मंगलवार को अफगानिस्तान में एक अंतरिम सरकार की घोषणा की, जिसमें प्रमुख मंत्री पद शामिल हैं। एक समावेशी सरकार के उनके आश्वासन के बावजूद, नया मंत्रिमंडल पूरी तरह से कट्टरपंथी है और तालिबान की शरिया कानून की कठोर व्याख्या के अनुसार शासन करेगा।
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तालिबान की 33 मंत्रियों की सरकार में 14 आतंकी
तालिबान की 33 मंत्रियों की सरकार में 14 आतंकी हैं। कई उपमंत्री और गवर्नर भी इनमें शामिल हैं। प्रधानमंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद, उसके दोनों उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और मौलवी अब्दुल सलाम हनफी जैसे कई नाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की काली सूची में शामिल हैं। वहीं अमेरिकी इनामी सूची में भी इनके नाम हैं। रक्षामंत्री मुल्ला याकूब, विदेश मंत्री मुल्ला अमीर खान मुत्तकी और डिप्टी शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई भी आतंकियों में हैं।