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संकट: अमेरिका के पुराने जख्म पर नमक नहीं छिड़केगा तालिबान, 9/11 की बरसी पर आज नहीं करेगा शपथ ग्रहण समारोह
Sat, 11 Sep 2021 08:22 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 11 Sep 2021 08:22 AM IST
सार
रूस की टीएएसएस समाचार एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि तालिबान ने अफगानिस्तान में अपनी नवगठित अंतरिम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को सहयोगियों के दबाव के बाद रद्द कर दिया है।
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तालिबान (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अफगानिस्तान पर संपूर्ण कब्जा करने के बाद तालिबान अपने सबसे बड़े दुश्मन अमेरिका के सबसे बड़े जख्म को कुरेदने की फिराक में था। बताया जा रहा है कि तालिबान अमेरिका के 9/11 आतंकी हमले की बरसी के मौके पर शपथ-ग्रहण समारोह आयोजित करने वाला था लेकिन सहयोगियों के दबाव के बाद इसे रद्द कर दिया है।
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अफगान सरकार के सांस्कृतिक आयोग के सदस्य इनामुल्ला समांगानी ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा कि नई अफगान सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कुछ दिन पहले ही रद्द कर दिया गया था। लोगों को और भ्रमित न करने के लिए हमने नई सरकार गठन का फैसला लिया था और यह अब काम करना शुरू कर दिया है।
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रूस ने शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने से कर दिया था इनकार
तालिबान ने उद्घाटन समारोह में रूस, ईरान, चीन, कतर और पाकिस्तान को आमंत्रित किया था। हालांकि रूस ने कथित तौर पर कतर को सूचित कर दिया है कि अगर यह 9/11 की बरसी पर आयोजित होता है तो वह उद्घाटन समारोह में भाग नहीं लेगा। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और उसके नाटो सहयोगी कतर सरकार पर तालिबान को उद्घाटन समारोह पूरी तरह से आयोजित करने के खिलाफ सलाह देने के लिए दबाव डाल रहे थे, क्योंकि इस दिन को चुनना एक अमानवीय कदम के रूप में सामने आएगा।
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बता दें कि तालिबान ने मंगलवार को अफगानिस्तान में एक अंतरिम सरकार की घोषणा की, जिसमें प्रमुख मंत्री पद शामिल हैं। एक समावेशी सरकार के उनके आश्वासन के बावजूद, नया मंत्रिमंडल पूरी तरह से कट्टरपंथी है और तालिबान की शरिया कानून की कठोर व्याख्या के अनुसार शासन करेगा।
तालिबान की 33 मंत्रियों की सरकार में 14 आतंकी
तालिबान की 33 मंत्रियों की सरकार में 14 आतंकी हैं। कई उपमंत्री और गवर्नर भी इनमें शामिल हैं। प्रधानमंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद, उसके दोनों उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और मौलवी अब्दुल सलाम हनफी जैसे कई नाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की काली सूची में शामिल हैं। वहीं अमेरिकी इनामी सूची में भी इनके नाम हैं। रक्षामंत्री मुल्ला याकूब, विदेश मंत्री मुल्ला अमीर खान मुत्तकी और डिप्टी शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई भी आतंकियों में हैं।