बिगड़े हालात: अफगानिस्तान में तालिबानियों ने तोड़ी कंधार जेल, कई कैदियों को छुड़ाया
- पूरी ताकत के साथ कंधार जेल पर तालिबान ने किया हमला
- कई राजनैतिक कैदियों को छुड़ाया और तेजी से अन्य जगहों पर पसार रहा पैर
- भारत द्वारा अफगान सेना को दिए तोहफे एमआई-24 लड़ाकू हेलिकॉप्टर पर किया कब्जा
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विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान तेजी से पैर पसार रहा है। दिनोंदिन तालिबान अपनी ताकत से अफगानिस्तान के प्रांतों को तेजी से कब्जे में ले रहा है। वहीं अब खबर आई है कि तालिबान ने बड़ी कार्रवाई कर कंधार जेल को तोड़ दिया है और कई राजनैतिक कैदियों को छुड़ा लिया है। इस पूरे मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है।
तालिबान पिछले महीने भी इस जेल पर हमला कर चुका था। लेकिन उसे कैदियों को छुड़ाने में कोई सफलता हाथ नहीं लगी थी। बुधवार को फिर उसने पूरी ताकत के साथ कंधार जेल पर हमला किया। ऐसे हमलों से अफगान सरकार को सीधे चुनौती दी जा रही है।
तालिबानी आतंकियों ने कुंदुज प्रांत में अफगान सेना के मुख्यालय पर भी कब्जा कर लिया। मंगलवार को तालिबान ने उत्तर पूर्वी बदख्शन प्रांत की राजधानी फैजाबाद पर कब्जा किया था। तालिबान ने गत पांच दिनों में नौ प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर लिया है।
वहीं, तालिबान ने भारत द्वारा 2019 में अफगान सेना को तोहफे में दिए एमआई-24 लड़ाकू हेलिकॉप्टर पर कब्जा कर लिया है। बुधवार को कुदुंज एयरपोर्ट पर कब्जे के दौरान तालिबान ने इसे हथिया लिया।
भारतीय नागरिकों को वापस बुला रहा भारत
अफगानिस्तान में स्थित भारतीय दूतावास ने एक सुरक्षा एडवायजरी में वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों को देश वापसी की तत्काल तैयारियां करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही दूतावास ने भारतीय कंपनियों से कहा है कि वह अफगानिस्तान में अपने परियोजना स्थलों से भारतीय नागरिकों को तत्काल प्रभाव से वापस बुलाएं।
तेजी से काबुल की तरफ बढ़ रहा तालिबान
इतना सबकुछ इसलिए होता दिख रहा है क्योंकि अफगानिस्तान में कई साल बाद फिर तालिबान की सक्रिय रूप से वापसी हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि तालिबान ने देश के 70 फीसदी से ज्यादा हिस्से पर अपना कब्जा जमा लिया है।उनके कदम तेजी से अब काबुल की तरफ बढ़ रहे हैं। लेकिन इन तमाम दावों को अफगान सरकार खारिज कर रही है।
तालिबान का 3 और प्रांतों की राजधानियों पर कब्जा
अफगानिस्तान में तालिबान ने तीन और प्रांतों की राजधानियों और सेना के स्थानीय मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है। इसके साथ ही देश के पूर्वोत्तर हिस्से पर तालिबान का पूर्ण कब्जा हो गया है।
जिन तीन प्रांतों पर तालिबान का कब्जा हुआ है उनमें पूर्वोत्तर में बदख्शां और बगलान तथा पश्चिम में फराह प्रांत की राजधानी शामिल है। उधर, कुंदुज प्रांत का अहम ठिकाना भी अफगान बलों के हाथ से निकल चुका है।
तीन प्रांतों पर नियंत्रण के साथ ही तालिबान के कब्जे में अफगानिस्तान का दो तिहाई हिस्सा चला गया है। अमेरिकी और नाटो सैनिकों की अंतिम वापसी के बीच दो दशक की लड़ाई के बाद तालिबान का यह कब्जा हुआ है।
कुंदुज प्रांत के अहम ठिकाने पर तालिबान के नियंत्रण से अफगानिस्तान की संघीय सरकार पर अपनी स्थिति मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है। राष्ट्रपति अशरफ गनी युद्धग्रस्त बल्ख प्रांत के दौरे पर गए हैं ताकि तालिबान को पीछे धकेलने के लिए स्थानीय सरदारों की मदद मांगी जा सके।
इस बीच, बदख्शां प्रांत के सांसद हुजातुल्ला खेरादमंद ने बताया कि तालिबान ने उनके सूबे की राजधानी फैजाबाद पर कब्जा कर लिया है। उधर, बगलान की राजधानी पोली खुमरी और फराह की राजधानी भी तालिबान के हाथ में जा चुकी है। तालिबान कब्जे वाले क्षेत्रों में महिलाओं पर पाबंदियां लगा दी गई हैं और स्कूलों को जला दिया गया है।
काबुल पर सीधा खतरा नहीं
तालिबान की बढ़त से फिलहाल काबुल को सीधे तौर पर कोई खतरा नहीं है लेकिन उसकी गति से सवाल पैदा हो रहे हैं कि सरकार कब तक दूर दराज के इलाकों पर नियंत्रण रख सकेगी।
कई मोर्चों पर सरकार के विशेष कार्रवाई बलों के साथ लड़ाई चल रही है जबकि नियमित सैनिकों के लड़ाई के मैदान से भागने की खबरें भी आ रही हैं। अफगान सरकार या सेना ने फिलहाल तालिबान के नए कब्जों पर टिप्पणी नहीं की है।
दिन भर आईं गोलियों की आवाजें
फराह तालिबान लड़ाके अफगान सुरक्षा बल के एक सैनिक का शव सड़क पर घसीटते नजर आए और इस दौरान वे ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगा रहे थे।
तालिबान लड़ाकों के पास एम-16 राइफलें थी और वे राजधानी की सड़कों पर पिकअप ट्रक चला रहे थे। ये ट्रक अमेरिकियों ने अफगानिस्तान को दान किए थे। तालिबान कब्जे में ली गई तीन प्रांतों की राजधानियों में दिन भर गोलियां चलने की आवाजें आती रही हैं।