तालिबान का दिखा 'असली चेहरा': कपड़े उतारकर पत्रकारों की बेदम पिटाई, महिलाओं पर भी जुल्म जारी
तालिबानी लड़ाकों द्वारा पत्रकारों की बेरहम पिटाई देखकर आपका शरीर कांप उठेगा। प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों को तालिबान ने कमरे बंद कर बेदम पिटाई की है। हम आपको यह तस्वीर दिखाना तो नहीं चाहते, लेकिन तालिबान का असली चेहरा क्या है और कैसा है उसे दिखाने के लिए ये जरूरी है।
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अफगानिस्तान में तालिबान के लौटने के बाद से ही लोग देश छोड़ने को मजबूर हैं और अब तालिबान ने अंतरिम सरकार का गठन भी कर लिया है उसके बाद आम लोग काफी चिंता में हैं। पिछले कुछ दिनों से काबुल समेत अलग-अलग शहरों में तालिबान के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक से लोग खासे नाराज हैं, लोग तालिबान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सबसे खास बात है कि इन प्रदर्शनों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, लेकिन तालिबान इन प्रदर्शनों से तिलमिला उठा है। तालिबानी लड़ाके प्रदर्शन कर रही महिलाओं, आम लोगों और प्रदर्शनों को कवर कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाने रहे हैं।
ताजा मामला काबुल शहर का है, जहां प्रदर्शन कवर करने पहुंचे पत्रकारों पर तालिबान ने सारी सीमाएं पार करते अपना असली चेहरा दुनिया के सामने रखा है। बताया जा रहा है कि तालिबानी लड़ाके पत्रकारों को कमरे में बंद कर घंटों पीटा और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किया। पत्रकारों की पिटाई का वीडियो देखकर आप हिल उठेंगे। लॉस एंगेल्स टाइम्स में छपी तस्वीर में देखा जा सकता है कि किस कदर तालिबानियों ने पत्रकारों की पिटाई की है।
बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं करने का फरमान
काबुल में तालिबान के लड़ाकों द्वारा महिलाओं को पीटा गया, वहीं मौजूद पत्रकारों के साथ भी मारपीट की गई। अब सरकार गठन के तुरंत बाद तालिबान ने नया फरमान जारी किया है कि बिना सरकार की अनुमति के किसी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी। तालिबान ने एलान किया है कि बिना परिमशन प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
महिलाएं सरकार में मांग रहीं हिस्सेदारी
सोशल मीडिया पर इस तरह के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां तालिबान के लड़ाकों द्वारा महिलाओं को पीटा जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो तालिबान के लड़ाकों ने महिलाओं और पत्रकारों को डंडों और रायफल की बट से पीटा है। साथ ही कई पत्रकारों को गिरफ्तार कर उनकी पिटाई की है। तालिबान ने महिलाओं पर कपड़े पहनने, स्कूलों में लड़के-लड़कियों को एक साथ नहीं पढ़ने, ऑफिस में काम नहीं करने समेत कई अन्य चीजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसको लेकर काबुल समेत अन्य शहरों में महिलाएं तालिबान के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाएं सरकार में हिस्सेदारी की मांग कर रही है। महिलाओं का कहना है कि तालिबान ने जब अफगानिस्तान पर कब्जा किया था तो कहा था कि वह अपनी सरकार में महिलाओं को भी शामिल करेगा,लेकिन तालिबान अब महिलाओं पर अत्याचार कर रहा है।
तालिबान ने अफगानिस्तान में महिला खेलों पर पाबंदी लगाई : रिपोर्ट
वहीं आस्ट्रेलिया के एसबीएस टीवी ने तालिबान के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि उन्होंने महिला खेलों खासकर महिला क्रिकेट पर रोक लगा दी है । तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के उप प्रमुख अहमदुल्लाह वासिक के हवाले से नेटवर्क ने कहा ,‘क्रिकेट में ऐसे हालात होते हैं कि मुंह और शरीर ढका नहीं जा सकता । इस्लाम महिलाओं को ऐसे दिखने की इजाजत नहीं देता ।’
उसने कहा कि यह मीडिया का युग है जिसमें फोटो और वीडियो देखे जाएंगे। इस्लाम और इस्लामी अमीरात महिलाओं को क्रिकेट या ऐसे खेल खेलने की अनुमति नहीं देता जिसमें शरीर दिखता हो। उसने कहा कि तालिबान पुरूष क्रिकेट जारी रखेगा और उसने टीम को नवंबर में आस्ट्रेलिया में एक टेस्ट खेलने जाने की इजाजत दे दी है। बाद में क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने हालांकि एक बयान में कहा कि अगर महिला खेलों को लेकर तालिबान के नजरिए संबंधी रिपोर्ट में सच्चाई है तो 27 नवंबर से होने वाला यह टेस्ट नहीं खेला जाएगा।