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अफगानिस्तान: भारत के बनाए सलमा डैम को उड़ाने आए थे तालिबान, लेकिन उलटा पड़ा दांव
Wed, 04 Aug 2021 01:49 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 04 Aug 2021 01:49 PM IST
सार
अफगान सरकार ने बयान देते हुए कहा कि अफगान सेना ने बहादुरी दिखाते हुए हेरात प्रांत में भारत निर्मित सलमा बांध पर तालिबान के हमले को विफल कर दिया।
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तालिबान (सांकेतिक)
विस्तार
अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में भारत के बनाए सलमा डैम पर हमला करने आए तालिबान आतंकवादी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अफगान सरकार ने बयान देते हुए कहा कि अफगान सेना ने बहादुरी दिखाते हुए हेरात प्रांत में भारत निर्मित सलमा बांध पर तालिबान के हमले को विफल कर दिया। अफगान सरकार के अनुसार तालिबान के कई आतंकवादी अफगान सेना के द्वारा किए गए हमले में भारी हताहत हुए हैं और जवाबी हमलों के परिणामस्वरूप क्षेत्र से भाग खड़े हुए।
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अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता फवाद अमान ने एक ट्वीट में कहा कि तालिबान आतंकवादियों ने मंगलवार रात भारत-अफगानिस्तान दोस्ती बांध के नाम से मशहूर सलमा डैम पर हमले का प्रयास किया। बता दें कि पिछले महीने में भी सलमा बांध को तालिबान ने रॉकेट से निशाना बनाया गया था, जो कि बांध के पास ही गिरा लेकिन कोई क्षति नहीं हुई थी। हेरात के चेशते शरीफ जिले में सलमा बांध अफगानिस्तान के सबसे बड़े बांधों में से एक है और प्रांत के हजारों परिवारों को सिंचाई के लिए पानी और बिजली प्रदान करता है।
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वर्ष 2016 में पीएम मोदी और अफगानी राष्ट्रपति ने किया था उद्घाटन
सलमा बांध यानि 'अफगानिस्तान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम' का जून 2016 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी ने उद्घाटन किया था। यह प्रोजेक्ट 1700 करोड़ रुपयों में बना है, जो हेरात प्रांत में रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण जगह पर है। इस बांध को चिस्ती शरीफ नदी पर बनाया गया है, जिससे 42 मेगावॉट बिजली का उत्पादन तो होता ही है, साथ ही 75 हजार हेक्टेयर खेती की जमीन पर सिंचाई भी होनी है।
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बता दें कि अफगानिस्तान में साल 2014 से अमेरिकी फौजों के वापस लौटने और अपनी भूमिका को अफगानी सुरक्षाबलों के सहयोग और आतंकवाद विरोधी अभियानों तक सीमित करने के बाद तालिबान तेजी से अपने पैर पसार रहा है।