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कोरोना की सटीक और सुरक्षित जांच के लिए खुद से लें अपना सैंपल: शोध
Tue, 16 Jun 2020 07:47 AM IST
श्रीधर मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बोस्टन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बोस्टन
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Tue, 16 Jun 2020 07:47 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना संक्रमण की जांच के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के बजाय खुद से लिया गया नाक का नमूना अधिक सटीक और सुरक्षित होता है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित अध्ययन में 30 लोगों पर शोध किया गया। कोरोना से संक्रमित इन लोगों ने नमूना लेने के तरीके बताने वाले वीडियो को देखकर जांच के लिए खुद सैंपल इकट्ठा किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि इन लोगों की तरफ से लिए गए सैंपल की जांच करना ज्यादा आसान है।
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स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर यवोन्ने माल्डोनाडो ने कहा, संदिग्ध को खुद से सैंपल देने में कई फायदे हैं। सैंपल इकट्ठा करने के लिए बड़े पैमाने पर किट बांटे जा सकते हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सकेगी। जो लोग किट का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें लैब में जाने की कोई जरूरत नहीं होगी। इससे अन्य लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों के संक्रमित होने का जोखिम कम हो जाएगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ से इस्तेमाल की जाने वाली पीपीई किट की भी बचत होगी। लिहाजा हमें संक्रमण की गति पर लगाम लगाने के लिए खुद से सैंपल इकट्ठा करने पर जोर देना होगा। प्रोफेसर माल्डोनाडो ने कहा, संदिग्ध मरीज खुद अपनी कार या घर में ही सैंपल इकट्ठा कर सकता है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को खतरा कम होगा और ज्यादा से ज्यादा लोग सैंपल जमा करा सकेंगे।
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तीन सैंपल की जांच रिपोर्ट एक जैसी
अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों को मार्च में संक्रमण हुआ था। इसके बाद माल्डोनाडो और उनकी टीम ने घर पर रह रहे प्रत्येक मरीज से संपर्क किया और खुद सैंपल लेने के दिशानिर्देशों के साथ एक वीडियो उन्हें भेजा। इसके बाद इन्हें स्टैनफोर्ड स्वास्थ्य केंद्र बुलाया गया, जहां इन लोगों ने खुद से सैंपल इकट्ठा किए। इसके बाद डॉक्टरों ने गले और नाक से अतिरिक्त सैंपल लिए और फिर तीनों सैंपल की जांच की गई। 30 में से 29 की तीनों नमूनों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव या नेगेटिव एक जैसी आई।
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