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ताइवान ने चीन को दिया करारा जवाब: कहा- धमकी से हमारा समर्थन बढ़ेगा, अमेरिका ने दी चेतावनी

Sat, 16 Apr 2022 08:25 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ताइपे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ताइपे Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sat, 16 Apr 2022 08:25 PM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक, ताइवान के विदेश मंत्रालय ने चीन को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रक्षा और चीन के खिलाफ वह अमेरिका सहित अन्य समान विचारधारा वाले देशों के साथ संबंधों को बनाए रखेगा। 
 

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taiwan foreign ministry says china threats will only increase support
ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन - फोटो : Social Media

विस्तार

अमेरिका और ताइवान की नजदीकियों को लेकर चीन बौखला गया है। अमेरिकी सांसदों की ताइवान यात्रा को लेकर चीन ने धमकी दी थी, जिसको लेकर ताइवान ने भी पलटवार किया है। ताइवान ने कहा है कि वह चीन को रोकने के लिए समर्थन जुटाता रहेगा। ताइवान ने कहा है कि चीन की धमकी से उसका फायदा ही होगा। 

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अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक, दो दिन पहले गुरुवार को छह अमेरिकी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल ताइवान पहुंचा था। अमेरिकी सांसदों ने शुक्रवार को ताइवान की राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल द्वीपीय देश के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए ताइवान आया था। 
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अमेरिकी सांसदों के दौरे से चीन बौखलाया हुआ है। चीन का कहना है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की ताइवान यात्रा दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को और बढ़ाएगी। गौरतलब है कि चीन पहले भी अमेरिका को ताइवान से दूर रहने की चेतावनी दे चुका है। दरअसल, चीन ताइवान पर अपना कब्जा जताता रहा है। वह पहले भी ताइवान पर कब्जा करने की धमकी दे चुका है। वहीं ताइवान ने कहा है कि चीन की धमकियों के बाद अमेरिका जैसे अन्य लोकतांत्रिक देश उसका समर्थन करेंगे।
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अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक, ताइवान के विदेश मंत्रालय ने चीन को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रक्षा और चीन के खिलाफ वह अमेरिका सहित अन्य समान विचारधारा वाले देशों के साथ संबंधों को बनाए रखेगा। 


वहीं, इस दौरान अमेरिकी सांसद बेन सासे ने ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन से मुलाकात की। उन्होंने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि चीन अमेरिका या उसके प्रतिनिधिमंडल को धमकी नहीं दे सकता है। इस दौरान उन्होंने ताइवान के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया। बता दें कि अमेरिका और ताइवान का कोई औपचारिक संबंध नहीं है। हालांकि अमेरिका ताइवान का सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समर्थक है और उसे हथियार आपूर्ति करता है।

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