Syria: तख्तापलट से शुरू हुए शासन का पांच दशक बाद तख्तापलट से ही अंत, बशर के पिता हाफिज 1970 में सत्ता में आए
वर्ष 2000 में हाफिज की मौत के बाद बशर सत्ता में आए। सीरिया के लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। लेकिन धीरे-धीरे बढ़ती महंगाई और बिगड़ते आर्थिक हालात ने लोगों को निराश कर दिया। उसके बाद 2011 में बशर की सत्ता के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ, जो उनके सत्ता से बेदखल होने तक चला।
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विस्तार
सीरिया में 24 साल से राष्ट्रपति रहे बशर अल-असद के शासन का रविवार को अंत हो गया। बशर अलावी वंश के थे, जो मुस्लिम समुदाय में अल्पसंख्यक धड़ा है। असद परिवार ने सुन्नी बहुल सीरिया पर पांच दशकों से अधिक समय तक शासन किया। बशर के पिता हाफिज अल-असद 13 नवंबर, 1970 को तख्तापलट करके ही सत्ता में आए थे। रविवार को उनके परिवार के शासन का अंत ही तख्तापलट से ही हुआ।
सत्ता में आने के बाद हाफिज अल-असद ने सीरिया में एक नए युग की शुरुआत की थी। उन्होंने सेना और बाथ पार्टी के भीतर अपने वाफादारों का एक नेटवर्क बनाया था, जिसके बल पर वह तीन दशक तक सत्ता में रहे। 2000 में बशर अल-असद पेशे से नेत्र चिकित्सक थे। उनके पिता शासन के लिए अपने सबसे बडे़ बेटे बैसेल को तैयार किया था। लेकिन 1994 में एक कार दुर्घटना में बैसेल की मौत ने हाफिज को अपने दूसरे बेटे बशर को चुनना पड़ा। वर्ष 2000 में हाफिज की मौत के बाद बशर सत्ता में आए। सीरिया के लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। लेकिन धीरे-धीरे बढ़ती महंगाई और बिगड़ते आर्थिक हालात ने लोगों को निराश कर दिया। उसके बाद 2011 में बशर की सत्ता के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ, जो उनके सत्ता से बेदखल होने तक चला।
गृहयुद्ध के 14 वर्षों में पांच लाख लोगों की मौत, आधी आबादी हुई विस्थापित
सीरियाई गृहयुद्ध के 14 वर्षों में लगभग पांच लाख लोग मारे गए। देश की आधी आबादी विस्थापित हो गई। वर्ष 2011 में भड़का विद्रोह जैसे-जैसे गृहयुद्ध में तब्दील होता गया, लाखों सीरियाई लोग जॉर्डन, तुर्किये, इराक, लेबनान व यूरोप की ओर भाग गए। 34 वर्ष की उम्र में बशर अल-असद ने जब सत्ता संभाली तो लोगों को बेहतरी की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वह भी निरंकुश ही रहे।
सीरिया के लोगों के लिए सत्ता परिवर्तन का नायक बना जुलानी
बशर को सत्ता से बेदखल करने वाला 42 वर्षीय अबू मोहम्मद अल-जुलानी सीरियाई विद्रोही संगठन तहरीर अल-शाम का प्रमुख है। अबू मोहम्मद अल-जुलानी और उसके विद्रोही संगठन हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) की सत्ता परिवर्तन में बेहद अहम भूमिका रही है। इस बड़े विद्रोह को अंजाम देने से पहले उसने अपनी सार्वजनिक छवि को सुधारने पर वर्षो मेहनत की। जिहादी चरमपंथी से भावी राज्य निर्माता तक की यह शख्सियत अब परखने वाले दौर में है। जुलानी ने सार्वजनिक तौर पर 2016 के एक वीडियो में अल कायदा से अलग होने के एलान के दौरान खुद का चेहरा दिखाया था। इस समय जुलानी सीरिया के लोगों के लिए सत्ता परिवर्तन का नायक बन गया है।
दमिश्क में मना जश्न
सीरिया में असदराज की समाप्ति के बाद दमिश्क के चौराहों पर लोग उमड़ पड़े। लोगों ने टैंक पर चढ़कर जश्न मनाया और अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जश्न के बीच आतिशबाजी हुई और कुछ लोगों ने आकाश में गोलियां चलाकर अपनी भावनाएं जाहिर कीं। स्थानीय निवासी वकील उमर दाहेर (29) ने कहा, मैं अपनी खुशी बता नहीं सकता।
राष्ट्रपति भवन से लूटपाट
बशर अल-असद के देश छोड़कर भागने के बाद लोग राष्ट्रपति भवन पर टूट पड़े। लोगों ने पूरे राष्ट्रपति भवन को खंगाल डाला। तोड़फोड़ भी की। किसी के हाथ फर्नीचर लगा तो किसी के हाथ गहने, जिसको जो मिला वही लेकर भाग निकला। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोगों को अल-रावदा प्रेसिडेंशियल पैलेस में प्रवेश करते हुए दिखाया गया है। बच्चे राष्ट्रपति भवन के बड़े-बड़े कमरों में भागदौड़ करते नजर आ रहे हैं।
2016 में बनाया अपना समूह
2016 में जुलानी ने अन्य स्थानीय गुटों के साथ मिलकर सरकार विरोधी मोर्चा जबात फतेह अल-शाम (सीरिया विजय मोर्चा ) बनाया था। एक साल बाद इसे बदलकर हयात तहरीर अल शाम कर दिया गया। उस वक्त जुलानी खुद को कट्टरपंथी इस्लामवादी अतीत से अलग करते हुए ने कहा था कि इस नए गठन का किसी बाहरी पार्टी से कोई रिश्ता नहीं है।
दुनिया ने की सीरिया में लड़ाई खत्म करने व शांति स्थापित करने की अपील
सीरिया की राजधानी दमिश्क पर विद्रोहियों के कब्जे व राष्ट्रपति बशर अल-असद के देश छोड़ने के बाद पूरी दुनिया ने लड़ाई खत्म करने और शांति स्थापित करने की अपील की है। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन व उनकी टीम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।
सीरियाई लोगों के हित में काम करे नई सरकार: ब्रिटेन
ब्रिटेन की उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनेर ने कहा, तानाशाही व आतंकवाद सीरिया के लोगों के लिए समस्याएं पैदा करते हैं। इसलिए एक राजनीतिक समाधान की आवश्यकता है, जहां सरकार सीरियाई लोगों के हितों में काम करे।
पश्चिम एशिया के लिए ऐतिहासिक दिन : नेतन्याहू
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह पश्चिम एशिया के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। अत्याचारी असद शासन का पतन बड़ा अवसर प्रदान करता है लेकिन खतरों से भी भरा है।
उम्मीद है जल्द आएगा स्थायित्व: चीन
चीन ने कहा कि वह सीरिया के हालात पर नजर रख रहा है। उसने सीरिया में जल्द स्थायित्व की वापसी की उम्मीद जताते हुए विद्रोही सेना से अपने नागिरकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
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