फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Syria Bashar Al Asad Flees HTS control begins World reacts from US to China UN and Russia Israel know news

Syria: असद के भागने और विद्रोहियों के कब्जे पर क्या बोली दुनिया, कितनी अलग अमेरिका-रूस की प्रतिक्रिया? जानें

Mon, 09 Dec 2024 09:26 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 09 Dec 2024 09:26 AM IST
विज्ञापन
Syria Bashar Al Asad Flees HTS control begins World reacts from US to China UN and Russia Israel know news
सीरिया की स्थिति को लेकर आई कई प्रमुख देशों की प्रतिक्रिया। - फोटो : ANI
सीरिया से बशर अल-असद के भागने और विद्रोही संगठनों के देश के अधिकतर इलाकों पर कब्जे के बाद पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर बनी हुई है। दरअसल, सीरिया 2011 के बाद से ही तनावग्रस्त क्षेत्र रहा है, जहां विद्रोहियों ने बीते 13 वर्षों में बशर शासन के खिलाफ बड़े-छोटे स्तर पर जंग छेड़ रखी थीं। इस जंग में बशर शासन और विद्रोहियों के समर्थक के तौर पर अलग-अलग देशों के गठबंधन खड़े थे। हालांकि, सीरिया से असद के भागने के बाद अब इन सभी देशों ने अपने-अपने लिहाज प्रतिक्रियाएं दी हैं। 
विज्ञापन


आइये जानते हैं किस देश-संस्थान ने क्या कहा?

1. असद की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए: अमेरिका
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन व उनकी टीम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने इसके बाद खुद कहा कि हम सीरिया के सभी समूहों को जोड़कर एक आजाद, स्वायत्त सीरिया बनाने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि सीरिया में अब तक जो कुछ हुआ है, उसके लिए असद की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

2. यह चौकसी बढ़ाने का समय: रूस
सीरिया में असर सरकार का समर्थन करने वाले रूस ने विद्रोहियों के सीरिया पर कब्जे को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। दरअसल, सीरिया में बड़ी संख्या में रूसी सुरक्षाबल तैनात हैं। हालांकि, विद्रोहियों ने उनके सैन्य ठिकानों की सुरक्षा की गारंटी दी है। असद के सीरिया से भागने से पहले रूस के विदेश मंत्री ने कहा था कि देश को आतंकी समूहों के हाथ में पड़ने से रोकना होगा।

3. संयुक्त राष्ट्र ने जताई उम्मीद, लेकिन सतर्क रहने को कहा
दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र ने असद शासन के अंत को एक अहम घटना करार दिया है। सीरिया में यूएन के राजदूत ने कहा कि हम सावधानी भरी उम्मीद से आगे के हालात पर नजर रखे हुए हैं। हम उम्मीद करते हैं देश में शांति और स्थायित्व देखने को मिलेगा, जिसमें सारे सीरियाई नागरिक एक साथ होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

4. सीरियाई लोगों के हित में काम करे नई सरकार: ब्रिटेन
ब्रिटेन की उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनेर ने कहा, तानाशाही व आतंकवाद सीरिया के लोगों के लिए समस्याएं पैदा करते हैं। इसलिए एक राजनीतिक समाधान की आवश्यकता है, जहां सरकार सीरियाई लोगों के हितों में काम करे।

5. पश्चिम एशिया के लिए ऐतिहासिक दिन : नेतन्याहू
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह पश्चिम एशिया के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। अत्याचारी असद शासन का पतन बड़ा अवसर प्रदान करता है लेकिन खतरों से भी भरा है।

6. उम्मीद है जल्द आएगा स्थायित्व: चीन
चीन ने कहा कि वह सीरिया के हालात पर नजर रख रहा है। उसने सीरिया में जल्द स्थायित्व की वापसी की उम्मीद जताते हुए विद्रोही सेना से अपने नागिरकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। चीन सीरिया में असद शासन का समर्थन करता रहा है।
 
विज्ञापन

7. क्रूर शासन का अंत हुआ: फ्रांस
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बशर शासन के अंत को क्रूर सत्ता का खात्मा करार दे दिया। उन्होंने सीरियाई लोगों की हिम्मत, धैर्य की तारीफ की और कहा कि शांति, स्वतंत्रता और एकता के लिए उन्हें फ्रांस की तरफ से शुभकामनाएं।

8. पुतिन पर भरोसा न करें: यूक्रेन
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंद्रिय साइबिगा ने असद के भागने की घटना का स्वागत किया और कहा कि जो भी तानाशाह यह उम्मीद करते हैं कि वह पुतिन के समर्थन से बचे रहेंगे, उनका यही हश्र होता है। उन्होंने यूक्रेन के सीरिया के लोगों के साथ खड़े होने की बात कही।

9. सीरिया की अखंडता सबसे अहम: इराक
सीरिया के पड़ोसी इराक ने कहा कि सीरियाई लोगों की आजाद सोच का सम्मान किया जाना चाहिए और उनकी सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता सबसे अहम है। 
 

10. यूरोपीय संघ
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सला वॉन डर लेयन ने कहा कि ईयू एक ऐसे सीरिया को खड़ा होने में मदद करने को तैयार है, जहां सभी अल्पसंख्यकों की रक्षा की जाए। ईयू के प्रमुख राजनयिक काजा कल्लास ने असद शासन के अंत को सकारात्मक घटनाक्रम करार दिया और दावा किया कि इससे सामने आता है कि असद के समर्थक- रूस और ईरान कितने कमजोर पड़ चुके हैं।

11. नहीं देखना चाहते फिर अशांति का दौर: यूएई
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सीरियाई लोगों से साथ आने की अपील की, ताकि देश को एक बार फिर तनाव की स्थिति में जाने से रोका जा सके। 

12. उम्मीद है जख्म भरेंगे: तुर्किये
तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान ने कहा कि उनका देश लगातार सीरिया में विद्रोही गुटों का समर्थन करता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि असद शासन के अंत के साथ ही सीरिया को मिले जख्म भरेंगे और इससे सीरिया लोगों की एकता, अखंडता और सुरक्षा की भी गारंटी तय होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed