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एनएएम की बैठक में पाक ने अलापा कश्मीर राग, भारत ने लताड़ा
Mon, 22 Jul 2019 08:37 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 22 Jul 2019 08:37 PM IST
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सैयद अकबरूद्दीन
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वेनेजुएला में गुट निरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान पाकिस्तान ने कश्मीर राग अलापा तो उसे भारत की लताड़ खानी पड़ी। भारत ने कहा, वैश्विक मंच का प्रयोग ‘स्वयं के हितों के वर्णन’ के लिए कभी नहीं किया जा सकता, जिसका मकसद एक राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता को दूसरे राष्ट्र द्वारा कमतर बताना हो।
काराकास में हुई बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने रविवार को कहा, सदस्य देशों के बीच आपसी मतभेदों को सुलझाने के मंच के तौर पर इस्तेमाल होने के बजाय एनएएम को प्राथमिक मुद्दों से निपटने वालों का नेतृत्व करना चाहिए, जिनके लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सदस्यों को वैश्विक मंच पर ऐसे मुद्दे उठा कर साथी सदस्यों पर हमला बोलने से पहले विचार करना चाहिए जो एजेंडा में शामिल नहीं हैं और जो गुटनिरपेक्ष आंदोलन का उल्लंघन करते हों।
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अकबरूद्दीन ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, अफसोस है कि एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को ऐसा करने का प्रयास किया। समझ लेना चाहिए कि एनएएम कभी भी एक राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता को कमतर बनाने के मकसद को आगे बढ़ाने का मंच न कभी था और न कभी हो सकता है।
बता दें कि शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रधान सचिव अंदलीब अब्बास ने मंत्रिस्तरीय बैठक में अपने बयान में कश्मीर का मुद्दा उठाया था और जम्मू-कश्मीर में स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की हालिया रिपोर्ट का संदर्भ दिया था।
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काराकास में हुई बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने रविवार को कहा, सदस्य देशों के बीच आपसी मतभेदों को सुलझाने के मंच के तौर पर इस्तेमाल होने के बजाय एनएएम को प्राथमिक मुद्दों से निपटने वालों का नेतृत्व करना चाहिए, जिनके लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत है।
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सदस्यों को वैश्विक मंच पर ऐसे मुद्दे उठा कर साथी सदस्यों पर हमला बोलने से पहले विचार करना चाहिए जो एजेंडा में शामिल नहीं हैं और जो गुटनिरपेक्ष आंदोलन का उल्लंघन करते हों।
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अकबरूद्दीन ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, अफसोस है कि एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को ऐसा करने का प्रयास किया। समझ लेना चाहिए कि एनएएम कभी भी एक राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता को कमतर बनाने के मकसद को आगे बढ़ाने का मंच न कभी था और न कभी हो सकता है।
बता दें कि शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रधान सचिव अंदलीब अब्बास ने मंत्रिस्तरीय बैठक में अपने बयान में कश्मीर का मुद्दा उठाया था और जम्मू-कश्मीर में स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की हालिया रिपोर्ट का संदर्भ दिया था।