नीस में आतंकी हमले के बाद फ्रांस के मेट्ज शहर में चर्च के अंदर मिला संदिग्ध पैकेज
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फ्रांस के शहर नीस में चाकू से किए गए हमले के बाद अब मेट्स शहर में सेंट मार्टिन चर्च के अंदर एक संदिग्ध पैकेज पाया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार फ्रांस की पुलिस ने कहा है कि चर्च के अंगर संदिग्ध पैकेज पाए जाने के बाद सुरक्षा घेरा बना दिया गया है और सुरक्षा बल सतर्क हैं।
Suspicious package found inside St Martin Church in Metz, France, security perimeter established, says French police.
— ANI (@ANI) October 30, 2020
गुरुवार को फ्रांस के नीस में एक व्यक्ति ने एक चर्च में चाकू से हमला कर तीन लोगों की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि पूरे देश में सख्ती बरती जाएगी। नीस के मेयर ने इसे आतंकी घटना बताया है और कहा है कि हमलावर ने ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाए थे।
कार्टून विवाद से शिक्षक का गला काटे जाने तक, फ्रांस ने पांच साल में देखे कई दर्दनाक मंजर
इससे पहले पैगंबर मोहम्मद से संबंधित एक कार्टून के विवाद में एक शिक्षक की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। जानकारी के अनुसार शिक्षक ने अभिव्यक्ति की आजादी को आगे बढ़ाते हुए पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाया था। इस मामले में पुलिस अभी तक 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मुस्लिम जगत में बढ़ा फ्रांस के खिलाफ आक्रोश
पाकिस्तान, लेबनान से लेकर फलस्तीनी क्षेत्र समेत कई अन्य जगहों पर हजारों मुसलमान फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन के लिए शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए। फ्रांस के राष्ट्रपति ने पैगंबर के कार्टून छापने के संबंध में अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा का संकल्प लिया है जिसके बाद से मुस्लिम जगत में उबाल आ गया है ।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रदर्शन हिंसक हो गया जब करीब 2000 लोगों ने फ्रांस के दूतावास की ओर जाने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां चलाईं।
पाकिस्तान के लाहौर में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और सड़कों को जाम कर दिया। मुल्तान में प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का पुतला जलाया। येरुशलम में सैकड़ों फलस्तीनी ने अल अक्सा मस्जिद के बाहर मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाए, ‘पैगंबर मोहम्मद के लिए हम कुर्बानी देंगे।’