{"_id":"5cb8ffe3bdec22145e4834fe","slug":"successful-projection-of-nepal-first-satellite-from-virginia-of-america","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका के वर्जीनिया से किया गया नेपाल के पहले सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका के वर्जीनिया से किया गया नेपाल के पहले सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण
Fri, 19 Apr 2019 04:23 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Fri, 19 Apr 2019 04:23 AM IST
विज्ञापन
नेपालीसैट-1 (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरिक्ष की दुनिया में नेपाल ने अपना पहला उपग्रह नेपालीसेट-1 सफलतापूर्वक लांच कर दिया है। इसे अमेरिका के वर्जीनिया से अंतरिक्ष में छोड़ा गया। इसका वजन सिर्फ 1.3 किलोग्राम है और लागत दो करोड़ रुपये है। इससे नेपाल के बारे में विस्तृत भौगोलिक जानकारी एकत्र की जाएगी।
विज्ञापन
इस उपग्रह को नेपाल के वैज्ञानिक अभाष और हरिराम श्रेष्ठ द्वारा बर्ड्स परियोजना के तहत बनाया गया है। नेपाल एकेडमी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एनएएसटी) के मुताबिक, नेपाल के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार उपग्रह अमेरिका में वर्जीनिया से बुधवार देर रात 2.31 बजे (नेपाली समय) प्रक्षेपित किया गया। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने उपग्रह तैयार करने में शामिल सभी वैज्ञानिकों और संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अपना उपग्रह होना, देश के लिए बड़े गौरव की बात है।
विज्ञापन
एनएएसटी के प्रवक्ता सुरेश कुमार धुंगल ने बताया कि उन्होंने देश में अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के लिए नए रास्ते खोलने के मकसद से उपग्रह में निवेश किया। उन्होंने बताया कि इस कामयाबी से न सिर्फ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लिए नया रास्ता तैयार हो सकेगा बल्कि उनका कार्यालय नियमित अंतराल पर देश की भौगोलिक तस्वीरें भी जुटा सकेगा।
विज्ञापन
नेपाल में खुशी और उत्साह
अंतरिक्ष में पहली बार अपना उपग्रह छोड़े जाने से नेपाल के लोगों में जबरदस्त खुशी और उत्साह का माहौल है। एनएएसटी प्रवक्ता सुरेश कुमार ने बताया कि बर्ड्स प्रोजेक्ट संयुक्त राष्ट्र की महत्वाकांक्षी योजना के तहत उन देशों की सहायता की जाती है, जो अभी तक अपना उपग्रह अंतरिक्ष में लांच नहीं कर सके हैं।