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अध्ययन: 2023 में बच्चों की कैंसर से 1.44 लाख मौतें, अकेले भारत में 17000 की गई जान; कितनी गंभीर है स्थिति?

Sat, 04 Apr 2026 04:57 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shubham Kumar Updated Sat, 04 Apr 2026 04:57 AM IST
सार

दुनिया भर में बच्चों में कैंसर तेजी से गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है, खासकर कम और मध्यम आय वाले देशों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। एक अध्ययन के अनुसार, 2023 में बचपन के कैंसर के 3.77 लाख नए मामले सामने आए और करीब 1.44 लाख बच्चों की मौत हुई। इनमें भारत में ही लगभग 17,000 मौतें दर्ज की गईं। 

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Study 144,000 Child Deaths from Cancer in 2023 17,000 Lives Lost in India Alone News In Hindi
कैंसर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

दुनिया में कैंसर से बच्चों की होने वाली 94 फीसदी मौतें और बीमारी के 85 फीसदी नए मामले कम और मध्यम आमदनी वाले देशों (एलएमआईसी) में सामने आए। यह खुलासा द लैंसेट जर्नल में छपे एक वैश्विक विश्लेषण में हुआ है। यह आंकड़ा दुनिया में स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और इलाज में बरती जा रही लगातार असमानता को दिखाता है। 2023 में कैंसर से भारत में 17,000, चीन में 16,000, नाइजीरिया और पाकिस्तान में लगभग नौ-नौ हजार मौतें हुई।

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रोगों, चोटों और जोखिम कारकों के वैश्विक भार का अध्ययन (जीबीडी) के आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, 2023 में विश्व स्तर पर बचपन के कैंसर के 3.77 लाख नए मामले और लगभग 1.44 लाख मौतें हुईं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, दुनिया भर में बचपन के कैंसर से होने वाली मौतों में 1990 में 1.97 लाख से 27 फीसदी कम हो गई हैं, लेकिन अफ्रीका में 55.6 फीसदी बढ़ गई हैं।
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बचपन का कैंसर बच्चों के मौत का आठवां प्रमुख कारण
शोधकर्ताओं के मुताबिक, 2023 में बचपन का कैंसर बच्चों में मौत का आठवां प्रमुख कारण रहा। निम्न-मध्यम सामाजिक-जनसांख्यिकीय सूचकांक वाले भारत जैसे देशों में यह सभी आयु वर्गों में कैंसर से मौत का 11वां बड़ा कारण रहा। यह बीमारी जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है। कैंसर 2023 में दुनिया के बाल विकलांगता-समायोजित जीवन वर्ष (डीएएलवाई) में 10वां सबसे बड़ा योगदानकर्ता भी है। एक डीएएलवाई का मतलब एक साल का स्वस्थ जीवन खोना है। शोध के लेखकों के मुताबिक, कैंसर 85.1 फीसदी नए मामले, 94.1 फीसदी मौतें और 94.1 फीसदी डीएएलवाई एलएमआईसी देशों में देखने को मिली। 
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रक्त कैंसर ने ली सबसे अधिक 45,900 जानें
सबसे ज्यादा मौतें ल्यूकेमिया यानी रक्त कैंसर (45,900) से हुईं, इसके बाद दिमाग और तंत्रिका तंत्र के कैंसर (23,200) और नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा (15,200) रहे। शोध की मुख्य लेखक लिसा फोर्स ने कहा कि अमीर देशों में इलाज बेहतर हुआ है, लेकिन गरीब देशों तक इसका फायदा नहीं पहुंचा। देर से पहचान, इलाज की कमी और कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली कैंसर के मुख्य कारण हैं। शोध के मुताबिक, सुधार के लिए कैंसर उपचार प्रणाली में निवेश बढ़ाना जरूरी है, जिसमें वक्त पर पहचान, प्रशिक्षित स्टाफ, कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडियोथेरेपी की बेहतर उपलब्धता शामिल है।

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