फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sri Lankan President Gotabaya Rajapaksa has said that there is only green farming in the agricultural policy, under which only organic manure can be used

श्रीलंका: ग्रीन खेती पर भ्रम बढ़ा, राष्ट्रपति ने दोहराया- सिर्फ ऑर्गेनिक खाद की ही इजाजत

Tue, 23 Nov 2021 05:07 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 23 Nov 2021 05:07 PM IST
सार

राष्ट्रपति ने कृषि संबंधी एक बैठक में कहा कि अब सरकार सिर्फ ऑर्गेनिक खाद वितरित करेगी और सिर्फ ऑर्गेनिक खेती के लिए सब्सिडी देगी। इसके लिए किसानों को शिक्षित किया जाएगा। राजपक्षे ने कहा कि इस नीति को लागू करते समय इस बात को स्वीकार करना जरूरी है कि देश में एक केमिकल फर्टिलाइजर माफिया है, जो सरकार की नीति को नाकाम करने की कोशिश कर रहा है...

विज्ञापन
Sri Lankan President Gotabaya Rajapaksa has said that there is only green farming in the agricultural policy, under which only organic manure can be used
गोताबया राजपक्षे - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोताबया राजपक्षे ने इन खबरों का खंडन किया है कि देश को पूरी तरह से ऑर्गेनिक खेती की तरफ ले जाने की नीति उनकी सरकार ने छोड़ दी है। उन्होंने कहा है कि श्रीलंका की कृषि नीति में अब सिर्फ ग्रीन खेती के लिए ही जगह है, जिसके तहत सिर्फ ऑर्गेनिक खाद का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

विज्ञापन


राष्ट्रपति ने कृषि संबंधी एक बैठक में कहा कि अब सरकार सिर्फ ऑर्गेनिक खाद वितरित करेगी और सिर्फ ऑर्गेनिक खेती के लिए सब्सिडी देगी। इसके लिए किसानों को शिक्षित किया जाएगा। राजपक्षे ने कहा कि इस नीति को लागू करते समय इस बात को स्वीकार करना जरूरी है कि देश में एक केमिकल फर्टिलाइजर माफिया है, जो सरकार की नीति को नाकाम करने की कोशिश कर रहा है।

विज्ञापन

बिना तैयारी लागू की ग्रीन खेती की नीति

श्रीलंका में राजपक्षे सरकार की नई कृषि नीति के कारण लोगों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। ऑर्गेनिक खाद के वितरण में देर होने के कारण सीजन शुरू होने के बावजूद कई जगहों पर फसलों बुवाई शुरू नहीं हो पाई है। पिछले दिनों देश में खाद्य पदार्थों की कीमतें तेजी से चढ़ी थीं। कई जगहों पर जरूरी अनाज की कमी देखने को भी मिली है। आलोचकों ने इसके लिए सरकार को दोषी ठहराया है। उनका कहना है कि राजपक्षे सरकार बिना पूरी तैयारी के ग्रीन खेती की नीति लागू कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन


अब सरकार ने दावा किया है कि देश में कुल कृषि योग्य भूमि के 70 फीसदी हिस्से में जताई और बुवाई का काम शुरू हो गया है। श्रीलंका दुनिया में ऐसा पहला देश बना है, जिसने पूरी तरह से ऑर्गेनिक खेती को अपनाने का फैसला किया। लेकिन रविवार को ये खबर आई थी कि सरकार ने इस नीति को छोड़ने का फैसला किया है। इस खबर में कहा गया कि सरकार ने केमिकल कीटनाशक और खेती में काम वाली दूसरी चीजों के आयात पर लगे प्रतिबंध को हटाने का फैसला किया गया है।

उर्वरक के आयात से हटाया प्रतिबंध

पिछले महीने श्रीलंका सरकार ने चाय की खेती में इस्तेमाल होने वाले उर्वरक के आयात पर से प्रतिबंध हटा लिया था। चाय श्रीलंका का प्रमुख निर्यात है, जिससे उसे सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। राजपक्षे सरकार की ग्रीन खेती की नीति से जो क्षेत्र प्रभावित हुए, उनमें चाय बगान भी थे। रविवार को श्रीलंका के टीवी चैनल न्यूज फर्स्ट ने कृषि मंत्रालय के हवाले से कहा कि अब उन सभी उर्वरकों के आयात की इजाजत दी जाएगी, जिनकी देश में तुरंत जरूरत है। चैनल से मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा- ‘खाद्य सुरक्षा की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ये निर्णय लिया गया है।’

लेकिन उसके एक दिन बाद राष्ट्रपति राजपक्षे ने अलग बातें कहीं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि इससे देश में भ्रामक स्थिति बन गई है। इससे श्रीलंका आर्थिक संकट और गहरा सकता है, जिसकी वजह से लोग पहले से ही परेशान हैं। श्रीलंका सरकार ने पूर्णतया ऑर्गेनिक खेती की नीति लागू करने का एलान इस साल मई में किया था।



पिछले हफ्ते चावल, सब्जियों, और अन्य खाद्य पदार्थों की महंगाई और बढ़ गई। सुपर मार्केट्स में चावल की बिक्री की सीमा तय कर दी गई। इसके तहत एक खरीदार को सिर्फ पांच किलो चावल बेचने की नीति लागू की गई। बीते शुक्रवार को किसान संगठनों ने इस सरकारी नीति के विरोध में संसद तक मार्च करने का एलान किया था। इसके बाद कृषि मंत्रालय का बयान आया। लेकिन राष्ट्रपति ने उसका खंडन कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed