फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   sri lanka will allow foreign ships for replenishment after china protest

Sri Lanka: चीन के दबाव में झुका श्रीलंका, विदेशी जहाजों को अपने बंदरगाहों पर रुकने की देगा अनुमति

Wed, 20 Mar 2024 02:59 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 20 Mar 2024 02:59 PM IST
सार

श्रीलंका के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने साफ किया कि अनुमति सिर्फ जहाजों को सामान भरने की दी गई है और वे किसी तरह की रिसर्च नहीं कर सकेंगे। 

विज्ञापन
sri lanka will allow foreign ships for replenishment after china protest
श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर चीनी अनुसंधान जहाज युआन वांग 5 (फाइल फोटो)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

श्रीलंका की सरकार ने कहा है कि वे रिसर्च करने वाले विदेशी जहाजों को अपने बंदरगाहों पर सामान भरने या ठहरने की अनुमति देंगे। दरअसल श्रीलंका ने पहले इस पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन बीते दिनों श्रीलंका ने जर्मनी के एक सर्वे जहाज को अपने बंदरगाह पर रुकने की इजाजत दी, जिस पर चीन भड़क गया और उसने श्रीलंका के सामने अपना विरोध दर्ज कराया। अब चीन के विरोध के बाद श्रीलंका ने यूटर्न लेते हुए विदेशी जहाजों को बंदरगाह पर सामान भरने की इजाजत दे दी है। 
विज्ञापन


चीन ने जताई नाराजगी
दरअसल भारत ने श्रीलंका में आए दो अत्याधुनिक रिसर्च जहाजों को लेकर चिंता जाहिर की थी। इसके बाद श्रीलंका की रानिल विक्रमासिंघे की सरकार ने ऑफशोर रिसर्च जहाजों के श्रीलंका के बंदरगाहों पर रुकने पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया था। अब श्रीलंका ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि विदेशी जहाजों को अब यहां ठहरने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि श्रीलंका के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने साफ किया कि अनुमति सिर्फ जहाजों को सामान भरने की दी गई है और वे किसी तरह की रिसर्च नहीं कर सकेंगे। 
विज्ञापन


चीन के जहाज श्रीलंका के बंदरगाहों पर रहे थे डॉक
इस महीने की शुरुआत में श्रीलंका ने जर्मनी के एक जहाज को अपने बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी थी, जबकि फरवरी में चीन के जहाज को अनुमति नहीं दी गई थी। इस पर चीन ने नाराजगी जाहिर की। अगस्त 2022 में चीन का एक जहाज श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर डॉक रहा था। इसके बाद अक्तूबर 2023 में भी चीन का एक रिसर्च जहाज कोलंबो बंदरगाह पर ठहरा था। भारत ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर इस पर नाराजगी जाहिर की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed