फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sri Lanka speaker said we would not accept Mahinda Rajapaksa as a PM until he proves majority

राजपक्षे को पीएम के तौर पर स्वीकार नहीं करेंगे जब तक वह बहुमत साबित नहीं करते : श्रीलंका स्पीकर

Mon, 05 Nov 2018 01:11 PM IST
Shilpa Thakur वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Mon, 05 Nov 2018 01:11 PM IST
विज्ञापन
Sri Lanka speaker said we would not accept  Mahinda Rajapaksa as a PM until he proves majority
महिन्दा राजपक्षे - फोटो : PTI

श्रीलंका संसद के स्पीकर ने सोमवार को कहा कि वह पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नए प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि वह तब तक उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे जब तक राजपक्षे संसद में बहुमत साबित नहीं करते। बता दें 26 अक्तूबर को राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना ने मौजूदा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के स्थान पर राजपक्षे को नियुक्त किया है। उनके इस फैसले की राजनीतिक पार्टियां और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में काफी आलोचना हो रही है।

विज्ञापन


संसद के स्पीकर कारु जयासुरिया का कहना है, 'अधिकांश सदस्यों का मानना है कि संसद में हुए बदलाव असंवैधानिक और परंपराओं के खिलाफ हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'इसी के तहत मैं बहुमत की ओर से कह रहा हूं कि उसी स्थिति को स्वीकार करें जो इन बदलावों से पहले थी। जब तक कोई नया ग्रुप बहुमत साबित नहीं करता। इसलिए मुझे बदलाव से पहले की स्थिति को स्वीकार करना होगा।'
विज्ञापन


इससे पहले खबर आई थी कि राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना ने संसद निलंबित करने के अपने पूर्व के आदेश को वापस ले लिया है और सोमवार को विधायिका की बैठक बुलाई है। 5 नवंबर से संसद सुचारू रूप से काम करेगी। संसद ने महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री के तौर पर मान्यता भी दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिरीसेना ने चीन हितैषी महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री बनाते हुए रानिल विक्रमसिंघे की सरकार को बर्खास्त कर दिया था। विक्रमसिंघे को भारत का हितैषी माना जाता है। उन्होंने अपने निलंबन को असंवैधानिक बताते हुए मांग की थी कि उन्हें संसद में अपना बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए। प्रधानमंत्री कार्यालय में एक बैठक को संबोधित करते हुए राजपक्षे ने कहा, 'राष्ट्रपति ने फैसला लिया है कि 5 नवंबर से संसद काम करेगी।'

बता दें कि राष्ट्रपति सिरीसेना ने बीते शुक्रवार को नाटकीय घटनाक्रम में विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से हटाकर उनकी जगह पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। सिरीसेना ने 16 नवंबर तक संसद को निलंबित कर दिया था। अपने पत्र में उन्होंने कहा था, 'मैंने आपको संविधान के 42 (1) (अनुच्छेद) के तहत प्रधानमंत्री नियुक्त किया था और आपको नियुक्त करने के प्राधिकार से आपको नोटिस देता हूं कि आपको प्रधानमंत्री के पद से मुक्त किया जाता है।'


संसद निलंबित करने को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मकसद सांसदों को रानिल विक्रमसिंघे के पाले से राजपक्षे के समर्थन में लाने के लिये समय हासिल करना था, ताकि वह 225 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिये 113 का आंकड़ा जुटा सकें। सिरीसेना और संसद के स्पीकर कारू जयसूर्या के बीच बुधवार को इस मुद्दे पर चर्चा हुई। जिसके बाद सिरीसेना ने संकेत दिया था कि वह अगले सप्ताह संसद का सत्र बुला सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed