फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sri Lanka Presidential election namal Rajapaksa as SLPP candidate ranil Wickremesinghe news in hindi

Sri Lanka: सांसदों ने छोड़ा साथ तो राजपक्षे ने बढ़ाया परिवारवाद! राष्ट्रपति पद के लिए महिंदा के बेटे को उतारा

Wed, 07 Aug 2024 03:13 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: श्वेता महतो Updated Wed, 07 Aug 2024 03:13 PM IST
सार

ऐसे में एसएलपीपी ने विक्रमसिंघे का समर्थन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की कसम खाई है। पसंदीदा उम्मीदवार और बिजनेस टाइकून धम्मिका परेरा ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण वह राष्ट्रपति चुनाव लड़ने में असमर्थ थे।

विज्ञापन
Sri Lanka Presidential election namal Rajapaksa as SLPP candidate ranil Wickremesinghe news in hindi
नमल राजपक्षे - फोटो : ANI

विस्तार

श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है। श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) ने उम्मीदवार के तौर पर राजपक्षे राजवंश के 38 वर्षीय नमल राजपक्षे को नामित किया गया। पार्टी के महासचिव सागर करियावासम ने बताया कि नमल राजपक्षे की उम्मीदवारी की घोषणा पार्टी कार्यालय में एक समारोह के जरिए की गई। बता दें कि नमल, महिंदा राजपक्षे के बेटे हैं। महिंदा 2005 से लेकर 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे। एसएलपीपी ने नमल के नाम की घोषणा ऐसे समय में की जब राजपक्षे की पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद रानिल विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति पद की निर्दलीय उम्मीदवारी घोषित करने के बाद उनके साथ जा चुके थे।
विज्ञापन


इनके साथ नमल राजपक्षे का मुकाबला
 नमल की एंट्री ने राष्ट्रपति चुनाव को चार कोणीय मुकाबला बना दिया है। राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में नमल राजपक्षे के अलावा रनिल विक्रमसिंघे, मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा और मार्क्सवादी जेवीपी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके भी शामिल हैं। 
विज्ञापन


बता दें कि 2022 में गोटाबाया राजपक्षे के शेष कार्यकाल को संभालने के लिए राजपक्षे राजवंश ने रनिल विक्रमसिंघे को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 1948 में ब्रिटेन से आजादी पाने के बाद अप्रैल 2022 में द्वीप राष्ट्र श्रीलंका ने अपना पहला संप्रभु डिफॉल्ट घोषित किया। देश में महंगाई और अन्य तनाव को लेकर गृहयद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके कारण गोटबाया को राष्ट्रपति पद छोड़ना पड़ा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आज का यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में आया है, जब राजपक्षे की पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद रानिल विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति पद की निर्दलीय उम्मीदवारी घोषित करने के बाद उनके साथ जा चुके हैं। ऐसे में एसएलपीपी ने विक्रमसिंघे का समर्थन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की कसम खाई है। पार्टी ने नमल को लेकर देर से फैसला लिया। पसंदीदा उम्मीदवार और बिजनेस टाइकून धम्मिका परेरा ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण वह राष्ट्रपति चुनाव लड़ने में असमर्थ थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed