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श्रीलंका : इस्तीफा नहीं देंगे राष्ट्रपति, बहुमत वाले दल को सौंपेंगे सत्ता, राजपक्षे ने कहा- पहले असेंबली में 113 सांसदों का समर्थन जुटाएं
Wed, 06 Apr 2022 01:12 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, कोलंबो।
एजेंसी, कोलंबो।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 06 Apr 2022 01:12 AM IST
सार
राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कहा कि वह इस्तीफा देने के बजाय उस दल को सत्ता सौंपने के लिए तैयार हैं जो संसद में बहुमत साबित कर दे।
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राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
श्रीलंका में जारी आर्थिक व राजनीतिक संकट के बीच विपक्ष ने राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे का इस्तीफा मांगा है। जनता भी सड़कों पर गोतबाया के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इस बीच, राष्ट्रपति की एकता सरकार बनाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद गोतबाया ने इस्तीफे की मांग खारिज करते हुए कहा, वह उस स्थिति में सत्ता सौंपने को तैयार हैं जब कोई दल 225 सदस्यों वाली असेंबली में 113 सदस्यों के साथ बहुमत साबित कर देगा।
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डेली मिरर अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, राजपक्षे ने देशभर में जारी सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के बीच कई राजनीतिक बैठकें कीं। उन्होंने कहा, वह इस्तीफा देने के बजाय उस दल को सत्ता सौंपने के लिए तैयार हैं जो संसद में बहुमत साबित कर दे।
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इससे पहले विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति गोचबाया राजपक्षे की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने विपक्ष से मिलीजुली सरकार के एकता मंत्रिमंडल में शामिल होने का अनुरोध किया था। बता दें, श्रीलंका अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है और लोग घंटों बिजली कटौती व जरूरी चीजों की कमी का सामना कर रहे हैं।
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सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित
श्रीलंका में दवाइयों की भारी कमी होने लगी है। इसके बाद देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि देश के अस्पतालों में अब केवल इमरजेंसी केस को प्राथमिकता दी जाएगी। माना जा रहा है कि यदि मौजूदा आर्थिक संकट जारी रहा, तो दवाइयों की कमी बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच जाएगी।
श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमजोर हुई
श्रीलंकाई संसद में राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का बहुमत खतरे में पड़ गया है। राष्ट्रपति द्वारा गत सप्ताह आपातकाल की घोषणा करने के बाद देश की 225 सदस्यीय संसद ने मंगलवार को पहले सत्र का कामकाज शुरू किया।
माना जा रहा है कि पूर्व राष्ट्रपति सिरीसेना की अगुवाई में श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के असंतुष्ट सांसद सत्तारूढ़ गठबंधन का दामन छोड़ सकते हैं। पार्टी के 14 सांसद यह कदम उठा सकते हैं। असंतुष्ट सांसद उदय गमनपिला ने कहा कि गठबंधन के पास 157 सांसदों का समर्थन था, लेकिन अब 50 से 60 सदस्य इससे अलग होने वाले हैं।
नए वित्तमंत्री का नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफा
श्रीलंका के नए वित्त मंत्री अली साबरी ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ने अपने भाई बेसिल राजपक्षे को बर्खास्त कर उन्हें नियुक्ति दी थी। साबरी ने राष्ट्रपति को लिखे एक पत्र में कहा कि उन्होंने एक अस्थायी उपाय के तहत यह पद संभाला था। अब मेरी महामहिम को सलाह है कि अभूतपूर्व संकट का सामना करने के लिए नए और सक्रिय उपाए किए जाएं, और इस समय नए वित्तमंत्री समेत अपरंपरागत कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शनकारियों को कानून न तोड़ने की चेतावनी
श्रीलंकाई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कानून हाथ में न लेने की चेतावनी देते हुए कहा है कि आंदोलन के दौरान हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सोमवार देर रात तक कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया और कहा कि वे आने वाले दिनों में कानून तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए वैज्ञानिक और वीडियो फुटेज खंगालेंगे। ये लोग आगजनी, घुसपैठ और हिंसा के अन्य कार्य शामिल थे।
7 अप्रैल को मिलेगा नया केंद्रीय बैंक गवर्नर
श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के पूर्व अधिकारी नंदलाल वीरसिंघे 7 अप्रैल को केंद्रीय बैंक गवर्नर का पद संभालेंगे। भीषण आर्थिक संकट के बीच अजित निवार्ड काबराल ने सोमवार को गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था।