फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sri lanka crisis: sale of chicken and egg declined in last three months due to inflation and reduced purchasing power of people

Sri Lanka Crisis: चिकन-अंडा उद्योग की आई शामत, कुपोषण बढ़ने का मंडरा रहा है खतरा

Mon, 20 Jun 2022 07:13 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 20 Jun 2022 07:13 PM IST
सार

श्रीलंका के बाजारों में आज एक किलो चिकन तकरीबन 1,200 श्रीलंकाई रुपये में मिल रहा है। आर्थिक संकट की शुरुआत के समय ये भाव 460 रुपये किलो था। श्रीलंका में मई में मुद्रास्फीति की दर 39 फीसदी रही। इस बीच डॉलर के मुकाबले श्रीलंकाई रुपये की कीमत लगभग 360 रुपये के बराबर है...

विज्ञापन
Sri lanka crisis: sale of chicken and egg declined in last three months due to inflation and reduced purchasing power of people
श्रीलंका संकट - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

श्रीलंका में चिकन और अंडे का धंधा ध्वस्त होने के कगार पर है। इसका एक प्रमुख कारण महंगाई के कारण लोगों की घटी क्रय शक्ति है। चिकन उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक बीते तीन महीनों में देश में चिकन की बिक्री 30 फीसदी और अंडे की बिक्री 40 फीसदी घट चुकी है। इस वजह से इस कारोबार से जुड़े लोग गहरी मुसीबत में हैं।

विज्ञापन


ऑल आईलैंड पॉल्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष अजित गुनासेकरा ने बताया- ‘छोटे और मझोले कारोबारी अपना काम बंद कर रहे हैं। इसकी वजह चारे की कमी है। साथ ही बड़ी पॉल्ट्री कंपनियों ने उनसे खरीदारी रोक दी है।’ गुनासेकरा के मुताबिक ब्रोइलर मीट उत्पादन में 30 फीसदी की कमी आई है। पहले हर महीने इसका 18 हजार मिट्रिक टन उत्पादन होता था, जो अब 12 हजार टन रह गया है। उत्पादन घटने के कारण भी पॉल्ट्री उत्पादों के दाम तेजी से चढ़े हैं।

विज्ञापन

मुद्रास्फीति दर 39 फीसदी

श्रीलंका के बाजारों में आज एक किलो चिकन तकरीबन 1,200 श्रीलंकाई रुपये में मिल रहा है। आर्थिक संकट की शुरुआत के समय ये भाव 460 रुपये किलो था। श्रीलंका में मई में मुद्रास्फीति की दर 39 फीसदी रही। इस बीच डॉलर के मुकाबले श्रीलंकाई रुपये की कीमत औंधे मुंह गिरी है। इस समय एक डॉलर लगभग 360 रुपये के बराबर है।

विज्ञापन
विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई और मुद्रा के भारी अवमूल्यन का एक नतीजा यह है कि लोगों की थाली से पौष्टिक खाद्य दूर होते जा रहे हैं। प्रोटीन की कमी से देश में बड़े पैमाने पर कुपोषण फैलने की आशंका मंडरा रही है। बात सिर्फ चिकन या अंडों की महंगाई की नहीं है। साधारण चावल आज लगभग 230 रुपये किलो मिल रहा है।

प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों में कर्मचारियों को हटाने और वेतन में कटौती के बढ़ते चलन के कारण ऐसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनके लिए महंगे अनाज खरीदना संभव नहीं है। डॉक्टरों ने मीडिया को बताया है कि बच्चों में कुपोषण के कारण होने वाली बीमारियों के मामले अब ज्यादा संख्या में सामने आ रहे हैं। चिकन और अंडा के उत्पादन में आई गिरावट से कुपोषण की समस्या और गहराने का अंदेशा है।

एक अंडा 43 से 50 रुपये के बीच

वेबसाइट इकोनॉमीनेक्स्ट.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल देश में एक अंडा 43 से 50 रुपये तक में मिल रहा है, जबकि पहले इसका भाव 18 से 25 रुपये तक था। अजित गुनासेकरा ने इस वेबसाइट से कहा- ‘मुर्गियों को पूरा चारा नहीं मिल रहा है, इसलिए वे कम अंडे दे रही हैं। एक मुर्गी आम तौर पर रोज एक अंडा देती है। लेकिन अगर उसे उचित भोजन ना मिले, तो फिर उसके अंडा देने का अंतराल बढ़ जाता है।’

मुर्गियों के चारे में मक्का सबसे प्रमुख है। पहले श्रीलंका में मक्का 40 से 45 रुपये प्रति किलो मिलता था। अब ये भाव 80 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है। चावल का उत्पादन घटने के कारण पराली की भी कमी हो गई है। सरकार के विदेशी मुद्रा भंडार की हालत खस्ता है। इसलिए इन चीजों का जरूरत के मुताबिक आयात भी संभव नहीं रह गया है।



जानकारों के मुताबिक चिकन और अंडे की महंगाई का एक कारण परिवहन खर्च में हुई बढ़ोतरी भी है। देश में ज्यादातर बड़े अंडा फार्म कोलंबो के आसपास मौजूद हैं। वहीं से सारे देश में इन्हें भेजा जाता है। पेट्रोल-डीजल के अभाव और उनकी महंगाई के कारण अब इन्हें भेजना पहले की तुलना में बहुत महंगा हो चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed