Spain: नाटो के नए खर्चा प्रस्ताव पर स्पेन का इनकार, PM सांचेज बोले- पांच प्रतिशत GDP रक्षा पर खर्च करना असंभव
नाटो के 5% जीडीपी रक्षा खर्च प्रस्ताव को स्पेन ने अवास्तविक और नुकसानदायक बताते हुए खारिज कर दिया है। पीएम पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि इससे देश की सामाजिक योजनाएं प्रभावित होंगी। स्पेन फिलहाल केवल 2.1% जीडीपी सैन्य जरूरतों पर खर्च करने की योजना में है।
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नाटो (NATO) के नए रक्षा प्रस्वात को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच स्पेन ने इस खर्चा प्रस्वात को नुकसानदायक बताते हुए खारिज कर दिया है। मामले में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने गुरुवार को नाटो महासचिव मार्क रुटे को पत्र लिखकर कहा कि यह लक्ष्य न केवल अवास्तविक है, बल्कि हमारे कल्याणकारी राज्य के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। बता दें कि नाटो की तरफ से जारी रक्षा प्रस्वात में सभी सदस्य देशों से अपनी जीडीप का पांच प्रतिशत रक्षा जरूरतों पर खर्च करने की बात कही गई, जिसके बाद स्पेन ने इसका विरोध करते हुए इसे खारिज कर दिया।
'पांच प्रतिशत जीडीपी खर्च करना असंभव'
मामले में स्पेन के प्रधानमंत्री सांचेज ने कहा कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने से स्पेन को अपनी अन्य सामाजिक योजनाएं जैसे सार्वजनिक सेवाएं और हरित विकास योजनाएं कम करनी पड़ेंगी। उन्होंने साफ किया कि स्पेन नाटो का पूरी तरह से समर्थन करता है, लेकिन पांच% जीडीपी खर्च करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि स्पेन फिलहाल अपने सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए 2.1% जीडीपी खर्च करने की योजना बना रहा है।
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स्पेन की वर्तमान स्थिति और नाटो
मीडिया रिपोर्टस की माने तो स्पेन नाटो का सबसे कम रक्षा खर्च करने वाला सदस्य है। पिछले साल इसने अपनी जीडीपी का 2% से भी कम रक्षा पर खर्च किया। हालांकि सरकार ने 2025 तक 10.5 अरब यूरो (लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर) बढ़ाकर पुराने 2% लक्ष्य को पूरा करने की बात कही थी।
वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद नाटो चाहता है कि नाटो के सदस्य देश कम से कम 3.5% जीडीपी को सीधे सैन्य उपकरणों, सैनिकों, और हथियारों पर खर्च करें। इसके अलावा 1.5% इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे सड़क, पुल, बंदरगाह आदि के विकास और समाज को हमले के लिए तैयार करने में खर्च हो।ी
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कौन-कौन कर नाटो के इस प्रस्वाव का समर्थन?
बात अगर नाटो के इस प्रस्वात को मिलने वाले समर्थन की करें तो पोलैंड और बाल्टिक देश (एस्तोनिया, लातविया, लिथुआनिया) पहले ही पांच% खर्च का समर्थन कर चुके हैं। नीदरलैंड और स्वीडन भी नए लक्ष्य को मानने की तैयारी में हैं। लेकिन स्पेन के अलावा बेल्जियम, इटली और कनाडा जैसे देश अभी भी इस पर सहमत नहीं हैं।
गौरतलब है कि नाटो महासचिव रुटे इस हफ्ते एक नया प्रस्ताव लाने वाले हैं जिससे सभी देशों को संतुलित रास्ता मिल सके। यह कोशिश इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि अगले हफ्ते द हेग (नीदरलैंड) में NATO शिखर सम्मेलन है, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल होंगे।