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South Korea: सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी ने किम मून को बनाया राष्ट्रपति पद प्रत्याशी, इनसे होगा कड़ा मुकाबला

Sat, 03 May 2025 04:45 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिओल (दक्षिण कोरिया)।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिओल (दक्षिण कोरिया)। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 03 May 2025 04:45 PM IST
सार

South Korea: दक्षिण कोरिया की सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी ने पूर्व श्रम मंत्री किम मून सू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है, जो 3 जून को होने वाले चुनाव में लिबरल उम्मीदवार ली जेई-म्युंग से मुकाबला करेंगे। इससे पहले, किम ने पार्टी के प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की और कहा कि वह ली को सत्ता में आने से रोकने के लिए मजबूत गठबंधन बनाएंगे।

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South Korea's main conservative party nominates Kim Moon Soo as its presidential candidate
किम मून सू - फोटो : एक्स/किम मून सू

विस्तार

पूर्व श्रम मंत्री और दक्षिणपंथी नेता किम मून सू को दक्षिण कोरिया की मुख्य कंजर्वेटिव पार्टी का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। देश में तीन जून को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। किम को लिबरल उम्मीदवार ली जेई-म्युंग से कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा।  

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जानकारों का मानना है कि किम पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू जैसे अन्य कंजर्वेटिव नेताओं के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की कोशिश कर सकते हैं, ताकि कंजर्वेटिव वोटों का बंटवारा न हो और वे ली के खिलाफ जीतने की संभावना बढ़ा सकें।
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किम ने प्राइमरी चुनाव हासिल की जीत 
पीपुल्स पावर पार्टी (पीपीपी) के प्राइमरी चुनाव शनिवार को खत्म हुए। इन चुनाव में किम ने 56.5 फीसदी वोट हासिल किए और अपने एकमात्र प्रतिद्वंद्वी हान डोंग-हुन को हरा दिया। अन्य उम्मीदवार पहले ही दौर में बाहर हो गए थे। इस जीत के बाद किम ने कहा, 'मैं ली जेई-म्युंग और उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी को सत्ता में आने से रोकने के लिए किसी से भी मजबूत गठबंधन करूंगा। मैं इसे इस तरह से करूंगा कि जनता और पार्टी भी स्वीकार करे और आखिर में मैं जीत हासिल करूंगा। 

यून सुक येओल के खिलाफ चला था महाभियोग
यह चुनाव राष्ट्रपति यून सुक येओल का उत्तराधिकारी चुनने के लिए हो रहा है। यून को दिसंबर में संसद ने महाभियोग के जरिए हटा दिया था। अप्रैल में कोर्ट ने उन्हें पद से हटा दिया, क्योंकि उन्होंने 3 दिसंबर को मार्शल लॉ लगाया था। 

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किम ने किया था महाभियोग का विरोध
किम ने संसद के इस महाभियोग का विरोध किया। हालांकि, उन्होंने यह माना कि यून का मार्शल लॉ लगाना सही नहीं था। उन्होंने संसद में अकेले ही एक विपक्षी सांसद की उस मांग का विरोध किया, जिसमें सभी कैबिनेट सदस्यों को माफी मांगने के लिए खड़ा होकर झुकने को कहा गया था। इससे उन्हें पार्टी के समर्थकों में लोकप्रियता मिली।

पहले न्याय मंत्री रह चुके हैं डोंग-हुन
किम के प्रतिद्वंद्वी हान डोंग-हुन पहले यून के न्याय मंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी में एक गुट का नेतृत्व करते हैं, जिसने यून के खिलाफ वोट डालने में विपक्ष का साथ दिया। अगर हान का समर्थन नहीं मिला होता, तो विपक्ष यून के खिलाफ संसद में महाभियोग पास नहीं कर पाता, क्योंकि विपक्ष के पास दो-तिहाई बहुमत से 8 वोट कम थे। 


1970-80 के दशक में श्रमिक नेता थे किम
किम (73 वर्ष) पहले 1970-80 के दशक में एक प्रसिद्ध श्रमिक नेता थे, लेकिन 1990 के दशक में उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी का साथ दिया। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट देशों का पतन देखकर उन्होंने 'क्रांतिकारी' बनने का सपना छोड़ दिया। इसके बाद वे आठ साल के लिए देश के सबसे बड़े प्रांत ग्योंगगी के राज्यपाल और संसद के तीन बार सदस्य रह चुके हैं।

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उत्तर कोरिया के खतरे का दूंगा जवाब: किम
किम ने कहा है कि अगर वे (अगले राष्ट्रपति) चुने गए, तो वह भ्रष्टाचार से जंग, वित्तीय नियमों में सुधार, पेंशन प्रणाली में बदलाव करेंगे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर खर्च बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका से मजबूत सैन्य साझेदारी बनाए रखेंगे और परमाणु पनडुब्बी लाकर उत्तर कोरिया के खतरे का जवाब देंगे।

डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ली जेई-म्युंग अभी चुनाव में सबसे आगे माने जा रहे हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी कानून के एक मामले में उनके खिलाफ मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया है, जिससे उनके चुनाव अभियान पर असर पड़ सकता है।

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