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दक्षिण चीन सागर: चीनी नाकेबंदी के बीच फिलीपीन की हिम्मत, दो रसद नौकाएं भेजीं, रेत के एक ढेर के लिए बढ़ा तनाव

Tue, 23 Nov 2021 05:12 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, मनीला।
एजेंसी, मनीला। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 23 Nov 2021 05:12 AM IST
सार

तनाव का केंद्र अमेरिका द्वारा फिलीपीन को 1999 में दिया द्वितीय विश्वयुद्ध का जंग खाया जहाज बीआरपी सिएरा माद्रे भी है। चीन इस जहाज को क्षेत्र से हटाने के लिए कहता रहा है। जबकि 2016 के विश्व न्यायाधिकरण के निर्णय के तहत यह क्षेत्र चीन के नियंत्रण में नहीं आता है।

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South China Sea: Philippine dares amid Chinese blockade, sent two logistics boats, increased tension for a pile of sand
दक्षिण चीन सागर में चीनी पोत (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

चीनी नाकेबंदी के बीच फिलीपीन ने सोमवार को हिम्मत दिखाते हुए दक्षिण चीन सागर में एक रेत के ढेर (शाओल) में दो रसद नौकाएं भेजी। यह सेकंड थॉमस नामक इस शाओल में पहले से तैनात फिलीपीन के मरीन गार्ड्स को रसद पहुंचा रही हैं। इससे पहले मंगलवार को चीनी तटरक्षकों ने वाटर कैनन चलाकर फिलीपीन से भेजी गई तीन नौकाएं रोकी थीं।

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फिलीपीन के रक्षामंत्री डेल्फिन लॉरेंजाना ने बताया कि ये 2 यात्री नौकाएं लकड़ी की हैं और बिना नौसैनिकों या कोस्टगार्ड की मदद के भेजी गई हैं। यह शर्त मनीला में चीनी राजदूत ने शर्त रखी थी, जिसे मान लिया गया। चीन ने एक साल से इस शाओल को घेर रखा है। यहां फिलीपीन का एक जहाज पहले पहुंच चुका था, जो चीनी निगरानी जहाजों की नाकेबंदी के बीच जमा हुआ है। 
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विश्वयुद्ध का जहाज बना फिलीपीनी सरजमीं
तनाव का केंद्र अमेरिका द्वारा फिलीपीन को 1999 में दिया द्वितीय विश्वयुद्ध का जंग खाया जहाज बीआरपी सिएरा माद्रे भी है। चीन इस जहाज को क्षेत्र से हटाने के लिए कहता रहा है। जबकि 2016 के विश्व न्यायाधिकरण के निर्णय के तहत यह क्षेत्र चीन के नियंत्रण में नहीं आता है। फिलीपीन इस जहाज को चौकी की तरह उपयोग कर रहा है।
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विवाद, विभिन्न पक्ष और स्थिति

  • फिलीपीन : फिलीपीन का कहना है कि यह सेकंड थॉमस शाओल वैश्विक कानून के मुताबिक उसके समुद्री आर्थिक क्षेत्र का हिस्सा है। रसद नौकाएं रोकने के बाद उसने चीन को चेताया था कि अमेरिका-फिलीपीन के 1952 के सैन्य समझौते के तहत उसकी नागरिक नौकाओं पर हमले परिणाम चीन को भुगतना पड़ सकता है।
  • चीन : चीन पूरे दक्षिण सागर को अपना क्षेत्र बताता है। वियतनाम, मलयेशिया, ब्रुनेई, ताइवान, फिलीपीन आदि देशों से उसके विवाद चल रहे हैं। वह यहां सैन्य गतिविधियां बढ़ाकर इस क्षेत्र में 7 शाओल पर मिसाइलें तैनात कर अपने कब्जे में ले चुका है।
  • अमेरिका : फिलीपीन से 1952 की संधि का हवाला देते हुए अमेरिका ने भी इस हफ्ते कहा था कि वह संधि का पालन करेगा। अगर चीन तनाव बढ़ाकर क्षेत्रीय शांति व स्थायित्व को खतरा पैदा करता है तो वह भी संधि के तहत कदम उठाएगा।


दक्षिण सागर में प्रभाव जमाना मकसद नहीं : शी जिनपिंग
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि वे और उनका देश दक्षिण एशिया पर किसी तरह प्रभाव जमाना नहीं चाहता है। उन्होंने ये भी कहा कि चीन अपने पड़ोसी छोटे देशों पर भी दक्षिण चीन सागर को लेकर हावी नहीं होना चाहता है। ये बातें शी ने आसियान देशों की एक 30वीं वर्चुअल कांफ्रेंस के दौरान कही। शी ने कहा कि वे अपने सभी पड़ोसी देशों से दोस्ताना रिश्तों का इच्छुक हैं। चीन न तो किसी को दबाने का इच्छुक है और न ही पूरे क्षेत्र में नायक के तौर पर सामने आना चाहता है।

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