फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   SOS messages by UNRWA staff in Gaza described the situation in the Hamas-run Gaza Strip as a hellhole

Gaza: ‘प्लीज, हमें इस नरक से निकाल लो’, संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के कर्मचारियों ने लगाई गुहार

Tue, 17 Oct 2023 10:40 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 17 Oct 2023 10:40 AM IST
सार

फलस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी गाजा पट्टी में काम करने वाली सबसे बड़ी संयुक्त राष्ट्र एजेंसी है। यहां 13 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें शिक्षक, डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, तकनीशियन आदि शामिल हैं।

विज्ञापन
SOS messages by UNRWA staff in Gaza described the situation in the Hamas-run Gaza Strip as a hellhole
हमले से डरे सहमे लोग। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गाजा पट्टी में इस्राइल का जवाबी हमला लगातार जारी है। ऐसे में, संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के साथ फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाले कर्मचारी बेहद डरे हुए हैं। उन्होंने गाजा पट्टी में मौजूदा हालातों को नरक से भी बेकार बताया है। उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा बुजुर्गों के लिए खाना, पानी और दवाओं की तत्काल आपूर्ति करने की अपील की है।

विज्ञापन

फलस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) गाजा पट्टी में काम करने वाली सबसे बड़ी संयुक्त राष्ट्र एजेंसी है। यहां 13 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें शिक्षक, डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, वेयरहाउस कर्मचारी, तकनीशियन और ड्राइवर शामिल हैं।

विज्ञापन

यूएनआरडब्ल्यूए ने गाजा में फलस्तीनी शरणार्थियों को लेकर आपात अपील जारी की। कहा कि गाजा में हो रहे हमले का खामियाजा लाखों फलस्तीनी शरणार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यूएनआरडब्ल्यूए की संचार निदेशक जूलियट टौमा ने गाजा में मानवीय स्थिति पर पत्रकारों से कहा कि गाजा में संयुक्त राष्ट्र के हजारों कर्मचारी है। वो लोग डरे हुए हैं। वे चाहते हैं कि संघर्ष समाप्त हो जाए। टौमा ने आगे कहा, ‘कर्मचारी कह रहे हैं कि वहां नरक जैसे हालात हैं। उन्हें जल्द वहां से बाहर निकाला जाए।’

टौमा ने कहा कि हफ्तेभर से इस्राइल की घेराबंदी और बमबारी के बीच मिल रहे एसओएस मैसेज दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। इन मैसेजों को देखकर दिमाग खराब हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि निराशा बढ़ती जा रही है। हालात समय के साथ और खराब हो रहे हैं। यही हमारे कर्मचारी बता रहे हैं।’ 

बता दें, सात अक्तूबर को फलस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने इस्राइली सीमा में घुसकर 1400 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। वहीं इस्राइल के जवाबी हमले में अब तक गाजा पट्टी में 2750 के करीब लोगों की जान जा चुकी है। अबतक गाजा से करीब 10 लाख फलस्तीनी विस्थापित हो गए हैं। 

यूएनआरडब्ल्यूए गाजा पट्टी में काम करने वाले अपने 14 कर्मचारी को खो चुका है। 10 दिन पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के साथ काम करने वाले कई अन्य कर्मचारी विस्थापित हो गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed