पाकिस्तान: डकैतों ने छह पुलिसकर्मियों को उतारा मौत के घाट, बंधक को रिहा करने के लिए मांग रहे थे मोटी रकम
मारे गए पुलिसकर्मी बलूचिस्तान के जाफराबाद स्थित उस्ता मुहम्मद पुलिस स्टेशन के थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जगीर में भारी हथियारों से लैस डकैतों के हमले में छह पुलिसकर्मियों के मारे जाने और दो अन्य के घायल होने की पुष्टि की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जंगली इलाके में बुधवार को भारी हथियारों से लैस डकैतों ने छह पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया। ये सभी एक बंधक को छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे। घटना जैकबाबाद जिले के जगीर इलाके की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मारे गए पुलिसकर्मी बलूचिस्तान के जाफराबाद स्थित उस्ता मुहम्मद पुलिस स्टेशन के थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जगीर में भारी हथियारों से लैस डकैतों के हमले में छह पुलिसकर्मियों के मारे जाने और दो अन्य के घायल होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, वे एक बंधक को छुड़ाने के लिए गठित बचाव दल का हिस्सा थे।
जैकबाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. सुमैर नूर चन्ना ने कहा, डकैत उसे रिहा करने के लिए मोटी रकम की मांग कर रहे थे। चन्ना ने कहा कि अभियान अभी भी जारी है क्योंकि बंधक फुरकान सूमरो को अभी तक रिहा नहीं किया गया है।
सूमरो, सिंध और बलूचिस्तान सीमा के पास जाफराबाद के उस्ता मुहम्मद खान शहर में एक चावल मिल के मालिक का बेटा है। उसे एक दिन पहले जाफराबाद से बंदूक की नोक पर अगवा किया गया था। नसीराबाद मंडल के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मुनीर अहमद शेख ने कहा कि बंधक को रिहा किए जाने तक संयुक्त अभियान जारी रहेगा।
देश के एक प्रमुख समाचार पत्र की खबर के मुताबिक, शेख ने कहा कि अपहरण में 'मिट्टू शाह और जाखरानी' के लोग गिरोह शामिल थे और सिंध सरकार ने उनके सिर पर पहले ही तीन लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। उन्होंने बताया कि सिंध पुलिस के सहयोग से अभियान का विस्तार किया गया है और जरूरत पड़ने पर और कर्मियों को तैयार रखा गया है।
इस महीने की शुरुआत में सिंध के कंधकोट जिले में भी डकैतों ने बड़ी संख्या में पुलिस बल हमला किया था। इसमें एक थाना प्रभारी की मौत हो गई थी। जबकि एक पुलिस उपाधीक्षक समेत पांच अन्य घायल हो गए थे।
डकैतों के गिरोहों का वर्षों से ऊपरी सिंध के जंगल और नदी क्षेत्रों पर कब्जा है और वे अक्सर फिरौती के लिए अमीर लोगों का अपहरण करते हैं और राजमार्गों पर डकैती भी करते हैं। मार्च के महीने में सिंध की प्रांतीय कैबिनेट ने तीन प्रांतों सिंध, पंजाब और बलूचिस्तान के प्रभावित इलाकों से डकैतों का सफाया करने के लिए संयुक्त अभियान शुरू करने का फैसला किया था।