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Singapore: भारतवंशी परिवहन मंत्री एस ईश्वरन पर भ्रष्टाचार के 27 आरोप, बेगुनाही की दलील के बाद इस्तीफा दिया
Thu, 18 Jan 2024 08:50 AM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 18 Jan 2024 08:50 AM IST
सार
सिंगापुर सरकार में मंत्री रहे भारतवंशी नेता एस ईश्वरन ने खुद को बेगुनाह बताया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के 27 आरोप लगे हैं। परिवहन मंत्रालय में रहे ईश्वरन पर पद के दुरुपयोग का भी आरोप लगा है।
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सिंगापुर के भारतवंशी नेता ईश्वरन (फाइल)
- फोटो : ANI
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विस्तार
सिंगापुर सरकार में भारतीय मूल के मंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। 27 आरोपों का सामना कर रहे ईश्वरन ने अदालत में पेशी के दौरान खुद को निर्दोष बताया। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार के दो आरोप लगे हैं। इसके अलावा न्याय में बाधा डालने का एक और लोक सेवक के रूप में अनुचित लाभ (receiving gratification) पाने के 24 आरोप लगे हैं। बता दें कि संसद में एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री चान चुन सिंग ने नौ जनवरी को बताया था कि सीपीआईबी ईश्वरन के खिलाफ लगे आरोपों की जांच पूरी कर चुकी है।
इस्तीफे के बाद किसे मिला पदभार
ईश्वरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी से इस्तीफा देने वाले ईश्वरन से जुड़ी द स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, 61 वर्षीय राजनेता संसद की सदस्यता भी छोड़ेंगे। अदालत में पेशी से पहले 16 जनवरी को उन्होंने प्रधानमंत्री ली सीन लूंग को पत्र लिखा। इस त्याग पत्र में, ईश्वरन ने सीपीआईबी द्वारा उन पर लगाए गए विभिन्न अपराधों को खारिज कर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि कार्यवाहक परिवहन मंत्री ची होंग टैट ईश्वरन की जगह लेंगे। उन्हें दूसरा वित्त मंत्री भी नियुक्त किया जाएगा।
वेतन और भत्ता लौटाने का भी फैसला
17 जनवरी को ईश्वरन ने प्रधानमंत्री के पास एक और पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि वह जुलाई 2023 में सीपीआईबी जांच शुरू होने के बाद मिला वेतन और सांसद भत्ता वापस कर देंगे। ईश्वरन के मुताबिक उन्होंने परिवार के साथ चर्चा के बाद यह तय किया कि जांच के कारण वे मंत्री और सांसद के रूप में ड्यूटी पूरी नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अदालत से बरी होने के बावजूद वे बीते करीब पांच महीनों का वेतन और भत्ता वापस भी नहीं मांगेंगे।
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भारतवंशी मंत्री के इस्तीफे पर सिंगापुर के PM का बयान
ईश्वरन के पत्र का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में ईश्वरन के पद छोड़ने पर वह निराश और दुखी हैं। उन्होंने कहा, उथल-पुथल के बीच यह जरूरी है कि सरकार और अदालत कानून के मुताबिक सख्ती से इस मामले से निपटे। यही सही होगा। प्रधानमंत्री ली ने पार्टी (पीएपी) और सरकार की अखंडता को बनाए रखने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की जनता अखंडता के महत्व को समझती है, उन्हें इस बात का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, 'सिंगापुरवासियों को इससे कम की उम्मीद नहीं है।'
सीपीआईबी की गिरफ्त में भारतवंशी राजनेता
इससे पहले 61 वर्षीय ईश्वरन गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे अदालत पहुंचे। स्थानीय चैनल न्यूज एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत में जाते समय उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया। ईश्वरन मई 2021 से परिवहन मंत्री हैं। 1997 में पहली बार सांसद चुने गए भारतवंशी राजनेता सिंगापुर की सियासत में 26 साल से अधिक समय से एक्टिव हैं। ईश्वरन को पिछले साल 11 जुलाई को भ्रष्ट आचरण जांच ब्यूरो (सीपीआईबी) ने गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तारी की खबरें 14 जुलाई को सामने आई थी। जांच एजेंसी ने मामलों का विस्तृत विवरण नहीं दिया था।
प्रधानमंत्री ने जांच पूरी होने तक ईश्वरन को छुट्टी पर भेजा
रिपोर्टों के अनुसार सिंगापुर के प्रॉपर्टी टाइकून ओंग बेंग सेंग को भी गिरफ्तार किया गया है। हाईप्रोफाइल शख्सियत ओंग, सिंगापुर ग्रां प्री में भी अधिकार रखते हैं। वह रेस प्रमोटर- सिंगापुर जीपी के अध्यक्ष भी हैं। जांच अधिकारियों ने ओंग से ईश्वरन के साथ हुई बातचीत के संबंध में जानकारी मांगी थी। ईश्वरन फॉर्मूला-वन के साथ सरकारी गतिविधियों में काफी सक्रिय रहे थे। 2006 में कैबिनेट में नियुक्ति से पहले, उन्होंने कई सरकारी संसदीय समितियों में भी सेवाएं दीं। सितंबर 2004 से जून 2006 तक संसद के उपाध्यक्ष रहे ईश्वरन पर लगे आरोपों और सीपीआईबी जांच के कारण देश के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है।
ईश्वरन पर सरकार का रूख, वेतन में कटौती लेकिन...
प्रधानमंत्री ली ने बाद में संसद में बताया था कि अगली सूचना तक ईश्वरन का वेतन घटाकर प्रति माह 8,500 सिंगापुर डॉलर (SGD) कर दिया गया है। भारतीय करेंसी में ये वेतन लगभग 5.26 लाख प्रतिमाह होता है। हालांकि, वार्षिक सांसद भत्ते में कटौती नहीं की गई और सरकार ने उन्हें 1,92,500 सिंगापुर डॉलर (SGD) लेने पर कोई रोक नहीं लगाई। भारतीय करेंसी में ईश्वरन को वार्षिक भत्ते के रूप में लगभग 1.19 करोड़ का भुगतान किया गया। हालांकि, सरकार के इस फैसले के बाद विपक्षी दल- प्रोग्रेस सिंगापुर पार्टी (पीएसपी) ने ईश्वरन को सांसद के रूप में निलंबित करने की मांग की। हालांकि, पीएसपी का प्रस्ताव पिछले सितंबर में संसद में खारिज हो गया था। बता दें कि ईश्वरन सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी से हैं।
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इस्तीफे के बाद किसे मिला पदभार
ईश्वरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी से इस्तीफा देने वाले ईश्वरन से जुड़ी द स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, 61 वर्षीय राजनेता संसद की सदस्यता भी छोड़ेंगे। अदालत में पेशी से पहले 16 जनवरी को उन्होंने प्रधानमंत्री ली सीन लूंग को पत्र लिखा। इस त्याग पत्र में, ईश्वरन ने सीपीआईबी द्वारा उन पर लगाए गए विभिन्न अपराधों को खारिज कर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि कार्यवाहक परिवहन मंत्री ची होंग टैट ईश्वरन की जगह लेंगे। उन्हें दूसरा वित्त मंत्री भी नियुक्त किया जाएगा।
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वेतन और भत्ता लौटाने का भी फैसला
17 जनवरी को ईश्वरन ने प्रधानमंत्री के पास एक और पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि वह जुलाई 2023 में सीपीआईबी जांच शुरू होने के बाद मिला वेतन और सांसद भत्ता वापस कर देंगे। ईश्वरन के मुताबिक उन्होंने परिवार के साथ चर्चा के बाद यह तय किया कि जांच के कारण वे मंत्री और सांसद के रूप में ड्यूटी पूरी नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अदालत से बरी होने के बावजूद वे बीते करीब पांच महीनों का वेतन और भत्ता वापस भी नहीं मांगेंगे।
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भारतवंशी मंत्री के इस्तीफे पर सिंगापुर के PM का बयान
ईश्वरन के पत्र का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में ईश्वरन के पद छोड़ने पर वह निराश और दुखी हैं। उन्होंने कहा, उथल-पुथल के बीच यह जरूरी है कि सरकार और अदालत कानून के मुताबिक सख्ती से इस मामले से निपटे। यही सही होगा। प्रधानमंत्री ली ने पार्टी (पीएपी) और सरकार की अखंडता को बनाए रखने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की जनता अखंडता के महत्व को समझती है, उन्हें इस बात का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, 'सिंगापुरवासियों को इससे कम की उम्मीद नहीं है।'
सीपीआईबी की गिरफ्त में भारतवंशी राजनेता
इससे पहले 61 वर्षीय ईश्वरन गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे अदालत पहुंचे। स्थानीय चैनल न्यूज एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत में जाते समय उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया। ईश्वरन मई 2021 से परिवहन मंत्री हैं। 1997 में पहली बार सांसद चुने गए भारतवंशी राजनेता सिंगापुर की सियासत में 26 साल से अधिक समय से एक्टिव हैं। ईश्वरन को पिछले साल 11 जुलाई को भ्रष्ट आचरण जांच ब्यूरो (सीपीआईबी) ने गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तारी की खबरें 14 जुलाई को सामने आई थी। जांच एजेंसी ने मामलों का विस्तृत विवरण नहीं दिया था।
प्रधानमंत्री ने जांच पूरी होने तक ईश्वरन को छुट्टी पर भेजा
रिपोर्टों के अनुसार सिंगापुर के प्रॉपर्टी टाइकून ओंग बेंग सेंग को भी गिरफ्तार किया गया है। हाईप्रोफाइल शख्सियत ओंग, सिंगापुर ग्रां प्री में भी अधिकार रखते हैं। वह रेस प्रमोटर- सिंगापुर जीपी के अध्यक्ष भी हैं। जांच अधिकारियों ने ओंग से ईश्वरन के साथ हुई बातचीत के संबंध में जानकारी मांगी थी। ईश्वरन फॉर्मूला-वन के साथ सरकारी गतिविधियों में काफी सक्रिय रहे थे। 2006 में कैबिनेट में नियुक्ति से पहले, उन्होंने कई सरकारी संसदीय समितियों में भी सेवाएं दीं। सितंबर 2004 से जून 2006 तक संसद के उपाध्यक्ष रहे ईश्वरन पर लगे आरोपों और सीपीआईबी जांच के कारण देश के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है।
ईश्वरन पर सरकार का रूख, वेतन में कटौती लेकिन...
प्रधानमंत्री ली ने बाद में संसद में बताया था कि अगली सूचना तक ईश्वरन का वेतन घटाकर प्रति माह 8,500 सिंगापुर डॉलर (SGD) कर दिया गया है। भारतीय करेंसी में ये वेतन लगभग 5.26 लाख प्रतिमाह होता है। हालांकि, वार्षिक सांसद भत्ते में कटौती नहीं की गई और सरकार ने उन्हें 1,92,500 सिंगापुर डॉलर (SGD) लेने पर कोई रोक नहीं लगाई। भारतीय करेंसी में ईश्वरन को वार्षिक भत्ते के रूप में लगभग 1.19 करोड़ का भुगतान किया गया। हालांकि, सरकार के इस फैसले के बाद विपक्षी दल- प्रोग्रेस सिंगापुर पार्टी (पीएसपी) ने ईश्वरन को सांसद के रूप में निलंबित करने की मांग की। हालांकि, पीएसपी का प्रस्ताव पिछले सितंबर में संसद में खारिज हो गया था। बता दें कि ईश्वरन सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी से हैं।