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Singapore: सिंगापुर ने एक भारतीय समेत 177 लोगों को दी नागरिकता, वर्ष में एक बार तैयार होती है सूची; जानें नियम

Sun, 18 Aug 2024 07:30 PM IST
मिथिलेश नौटियाल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Sun, 18 Aug 2024 07:30 PM IST
सार

सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने कहा, ‘हम सभी अलग अलग प्रतिभाओं के धनी हैं। इसलिए, कुछ ऐसा करें, जो आपके लिए महत्वपूर्ण हो और जिससे समाज का भला हो सके।’ 

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Singapore grants citizenship to 177 people
सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन - फोटो : ANI

विस्तार

सिंगापुर की सरकार ने रविवार को 177 नए नागरिकों का स्वागत किया। इन 177 नागरिकों में भारत के तमिलनाडु राज्य के सुधन विंसेंट भी शामिल हैं। बताया जाता है कि सुधन ने नए नागरिकों को सिंगापुर को एक सक्षम समाज के रूप में संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया। सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने इस मौके पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, ‘हम सभी अलग अलग प्रतिभाओं के धनी हैं। इसलिए, कुछ ऐसा करें, जो आपके लिए महत्वपूर्ण हो और जिससे समाज का भला हो सके।’ 

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सुधन के साथ साथ 177 लोगों को सिंगापुर की नागरिकता दी गई है। पीपुल्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित वार्षिक राष्ट्रीय नागरिकता समारोह में सभी 177 लोगों को सिंगापुर की नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया गया। हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में सिंगापुर ने 23,500 नए लोगों का नागरिकता प्रदान की थी। सिंगापुर की नागरिकता हासिल करने के लिए कुछ खास नियम भी हैं। स्थायी नागरिकता हासिल करने के लिए वे लोग आवेदन कर सकते हैं, जो कम से कम दो वर्षों के लिए सिंगापुर के स्थायी निवासी रहे हैं। इसके अलावा आवेदन करने वाले आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। 
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49 वर्षीय सुधन को वर्ष 2008 में सिंगापुर में नौकरी मिली थी। वर्ष 2007 में उनके पिता की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से सुधन सिंगापुर में रोजगार की तलाश कर रहे थे। सुधन ने कहा, ‘पहले मैंने सोचा कि कुछ वर्ष और कोशिश करूंगा, लेकिन मेरे बच्चे यहां से शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। इसलिए, मुझे यहां रहना ठीक लगा।’ इस वर्ष, जनवरी के महीने में सुधन के बेटे ने भी सिंगापुर के सशस्त्र बलों में शामिल हो गया। सुधन की पत्नी और दो बच्चे सिंगापुर के नागरिक हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘आज हमें सिंगापुर की नागरिकता मिली है। मुझे उम्मीद है कि नागरिकता मिलने से मेरे बच्चे अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित होंगे।’
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