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Manmohan Singh: बांग्लादेश में यूनुस और सिंगापुर में विदेश मंत्री ने किया मनमोहन सिंह को याद, लिखा शोक संदेश

Tue, 31 Dec 2024 02:26 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 31 Dec 2024 02:26 PM IST
सार

सिंगापुर में स्थित भारतीय उच्चायोग ने सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक शोक पुस्तिका उपलब्ध कराई है। बता दें, डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में 26 दिसंबर को दिल्ली में उम्र संबंधी चिकित्सा समस्याओं के कारण निधन हो गया था।

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Singapore Foreign Minister and Bangladesh Muhammad Yunus signs condolence book For Manmohan Singh news update
सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस - फोटो : एएनआई

विस्तार

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी शोक की लहर है। हर कोई उन्हें और उनके अहम योगदान को याद कर भावुक है। वहीं, भारतीय उच्चायोग ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक शोक पुस्तिका उपलब्ध कराई। इसमें जहां बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने शोक संदेश लिखा। वहीं, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। 

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यूनुस ने लिखा शोक संदेश
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी, जिनका पिछले सप्ताह निधन हो गया था। प्रोफेसर यूनुस ने ढाका में भारतीय उच्चायोग का दौरा किया और पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने उच्चायोग द्वारा उपलब्ध कराई सांत्वना पुस्तिका में एक शोक संदेश भी लिखा।
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क्या बोले विदेश मंत्री बालकृष्णन?
सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग का दौरा किया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की याद में शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए। उन्होंने मनमोहन सिंह को एक प्रतिष्ठित राजनेता बताते हुए कहा कि सिंह ने भारत की सेवा विनम्रता और ईमानदारी के साथ की। 
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उन्होंने भारत और सिंगापुर के बीच संबंधों को मजबूत करने में मनमोहन सिंह की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर भी साझा की, जिसमें सिंगापुर के पूर्व पीएम ली सीन लूंग मनमोहन सिंह के साथ बातचीत कर रहे थे। 



बालकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'मनमोहन सिंह एक प्रतिष्ठित राजनेता थे, जिन्होंने अपने देश की सेवा विनम्रता और ईमानदारी से की। उन्होंने भारत-सिंगापुर संबंधों को भी मजबूत किया। इस दुख की घड़ी में हमारे विचार डॉ. सिंह के परिवार और भारत के लोगों के साथ हैं।'

दो दिन के लिए उपलब्ध कराई गई शोक पुस्तिका
सिंगापुर में स्थित भारतीय उच्चायोग ने सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक शोक पुस्तिका उपलब्ध कराई है। शोक पुस्तिका 30 और 31 दिसंबर को हस्ताक्षर के लिए उपलब्ध कराई गई। बता दें, डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में 26 दिसंबर को दिल्ली में उम्र संबंधी चिकित्सा समस्याओं के कारण निधन हो गया था। 28 दिसंबर को उन्हें दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित निगमबोध घाट पर पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके परिवार, दोस्तों, सहयोगियों और सरकारी अधिकारियों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। 

भारतीय उच्चायोग ने की तारीफ 
सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने विवियन बालकृष्णन के प्रति आभार व्यक्त किया। उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ और ‘लिंक्डइन’ पर कहा, ‘हम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की स्मृति में उपलब्ध कराई गई शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करने के लिए सिंगापुर के माननीय विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन के एचसीआई सिंगापुर आने की सराहना करते हैं।’

मनमोहन सिंह को शेरिंग तोबगे ने भी याद किया
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने मंगलवार को थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की याद में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समर्थन और व्यक्तिगत मित्रता को याद किया। साथ ही भूटान के 11वें पंचवर्षीय योजना को शुरू करने में उनकी भूमिका के लिए आभार व्यक्त किया।

तोबगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'डॉ. मनमोहन सिंह की याद में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। दिवंगत प्रधानमंत्री के प्रति हम अत्यंत आभारी हैं उनके अडिग समर्थन और व्यक्तिगत मित्रता के लिए। उनके समर्थन और सहयोग के कारण ही हम भूटान की 11वीं पंचवर्षीय योजना को शीघ्र और सफलतापूर्वक शुरू कर पाए थे।'

उन्होंने यह भी कहा, 'मनमोहन सिंह को भूटान के सच्चे मित्र के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने भूटान और भारत के बीच रिश्तों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। हम डॉ. सिंह के लिए अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनकी पत्नी और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।'


एक नजर पूर्व पीएम के राजनीतिक करियर पर 
मनमोहन सिंह का राजनीतिक करियर कई दशकों तक रहा, जिसमें 1991 से 1996 तक वित्त मंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए। वे 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे और अटल बिहारी वाजपेयी के बाद प्रधानमंत्री बने। उनकी प्रधानमंत्री के रूप में सेवाएं विशेष रूप से आर्थिक संकटों के दौरान स्थिर नेतृत्व और भारत की अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए याद की जाती हैं। 2014 में कांग्रेस-नेतृत UPA की हार के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री का पद छोड़ दिया। इस साल की शुरुआत में, मनमोहन सिंह ने राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

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