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पाकिस्तानी जेल से रिहा होगा डेनियल पर्ल का हत्यारा उमर शेख, अमेरिका ने जताई चिंता
Fri, 25 Dec 2020 06:33 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी/एएनआई, कराची/वाशिंगटन
एजेंसी/एएनआई, कराची/वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 25 Dec 2020 06:33 AM IST
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अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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पाकिस्तान के सिंध उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के अपहरण और हत्या के मामले में आरोपी आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख, फहद नसीम, शेख आदिल और सलमान साकिब को रिहा करने का निर्देश दिया है।
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वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार पर्ल हत्याकांड की सुनवाई करते हुए सिंध हाई कोर्ट ने कहा कि चारों आतंकवादियों को जेल में रखना गैरकानूनी है। उमर शेख को छोड़ने का फैसला आईएसआई की चाल माना जा रहा है। डेली पाकिस्तान के अनुसार, सिंध हाईकोर्ट ने आरोपी अहमद उमर सईद शेख और अन्य के नाम भी एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ECL) में डालने का आदेश दिया है ताकि ये देश के बाहर न जा सकें।
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अमेरिका ने रिहाई पर जताई चिंता
वहीं अमेरिका ने गुरुवार को सिंध उच्च न्यायालय द्वारा अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के लिए जिम्मेदार चारों आतंकवादियों को रिहा करने के फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की।
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अमेरिकी विदेश विभाग के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो ने ट्वीट किया, “हम डेनियल पर्ल की हत्या के लिए जिम्मेदार कई आतंकवादियों को रिहा करने के सिंध उच्च न्यायालय के 24 दिसंबर के फैसले से बहुत चिंतित हैं। हमें आश्वासन दिया गया है कि आरोपियों को इस समय रिहा नहीं किया जाएगा। हम समझते हैं कि यह मामला अभी चल रहा है और हमें निकटता से इस पर नजर रखनी होगी। हम इस अत्यंत कठिन प्रक्रिया के समय पर्ल के परिवार के साथ खड़े रहना चाहते हैं। हम एक साहसी पत्रकार के रूप में पर्ल की विरासत का सम्मान करना जारी रखेंगे।'
इन आरोपियों में उमर शेख वही हत्यारा है जिसे भारत ने वर्ष 1999 में कंधार में एयर इंडिया के विमान को छोड़ने के बदले में रिहा किया था। इससे पहले दो अप्रैल 2020 को हाई कोर्ट ने 18 साल की सजा के बाद इन आतंकवादियों की अपील पर सुनवाई की थी और शेख, साकिब तथा नसीम को बरी कर दिया।
कोर्ट ने शेख के मौत की सजा को सात साल की जेल में बदल दिया और उस पर 20 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने कहा कि उमर शेख ने पहले ही 18 साल जेल में गुजारे हैं और उसकी सात साल की सजा पूरी हो चुकी है।
अमेरिका में प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति ने पाकिस्तानी अदालत के फैसले पर गहरी चिंता जताई है। शेख ने 2014 में वेंटिलेटर से लटककर जान देने की कोशिश की थी।
अलकायदा संपर्कों के करीब पहुंच गए थे डेनियल
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के पत्रकार डेनियल पर्ल दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख थे और वर्ष 2002 में पाकिस्तान के भीतर आतंकवादियों के अलकायदा से संपर्क के संबंध में काम कर रहे थे। वह इन संपर्कों की जांच के नतीजों के काफी करीब पहुंच चुके थे, लेकिन तभी उन्हें अगवा कर लिया गया और बाद में सिर कलम कर दिया गया। अमेरिका ने तभी से इस हत्याकांड को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बनाया हुआ है।
आईएसआई ने रची उमर शेख की रिहाई की साजिश
आतंकी उमर शेख की सजा को बदला जाना पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की एक चाल माना जा रहा है। आईएसआई मानता है कि एक तरफ तो कोरोना संकट की वजह से अमेरिका का ध्यान अभी बंटा हुआ है और दूसरी तरफ अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण होना है। ऐसे में यदि आतंकी उमर शेख को रिहा किया जाता है तो अमेरिका ज्यादा विरोध नहीं कर पाएगा।