Historic Event: अमेरिकी संसद सत्र की कार्यवाही अलग ढंग से हुई शुरू, इस बार ईसाई नहीं सिख पादरी ने की प्रार्थना
सिख समन्वय समिति ईस्ट कोस्ट के मीडिया प्रवक्ता हरजिंदर सिंह ने कहा कि अमेरिकी संसद के इतिहास में आज पहली बार सदन का सत्र सिख प्रार्थना के साथ शुरू हुआ। यह पूरे वैश्विक सिख समुदाय के लिए बहुत खुशी का अवसर है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका ने एक और एतिहासिक कदम उठाया है। उसकी संसद सत्र की कार्यवाही की शुरुआत इस बार कुछ अलग तरीके से हुई। न्यूजर्सी के पाइन हिल गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी जसविंदर सिंह ने प्रार्थना करके शुक्रवार को सदन में दिन की कार्यवाही शुरू की। बता दें, इससे पहले प्रार्थना आम तौर पर एक ईसाई पादरी द्वारा की जाती है।
सदन के अध्यक्ष केविन मैकार्थी ने घोषणा की कि जसविंदर सिंह कार्यवाही शुरू करेंगे। सिंह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रार्थना करने वाले पहले सिख पादरी हैं। प्रार्थना के तुरंत बाद सदन में प्रवेश करते हुए सांसद डोनाल्ड नॉरक्रॉस ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया।
उन्होंने कहा, 'आज का इतिहास इस बात की याद दिलाता है कि अमेरिका धर्म की स्वतंत्र अभिव्यक्ति का स्वागत करता है और उसके मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध रहेगा। सिंह ने आज जर्सी को गौरवान्वित किया है और उनके साथ इस पल का हिस्सा बनना सम्मान की बात है।’
सिख समन्वय समिति ईस्ट कोस्ट के मीडिया प्रवक्ता हरजिंदर सिंह ने कहा कि अमेरिकी संसद के इतिहास में आज पहली बार सदन का सत्र सिख प्रार्थना के साथ शुरू हुआ। यह सिख समुदाय के लिए, पूरे वैश्विक सिख समुदाय के लिए बहुत खुशी का अवसर है।
उन्होंने कहा, ‘हमने इस संदन के सदस्यों के लिए प्रार्थना की जो स्वतंत्र विश्व और यहां के सभी अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। हम एक जाति के रूप में संपूर्ण मानवता के लिए कामना और प्रार्थना करते हैं।’