{"_id":"6a013739b22065ec73066484","slug":"shashi-tharoor-tejasvi-surya-debate-on-lok-sabha-seats-delimitation-stanford-india-conference-hindi-news-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Stanford India Conference 2026: लोकसभा की सीटें 850 करने पर बहस, थरूर ने बताया मजाक; भाजपा ने कहा- जरूरी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Stanford India Conference 2026: लोकसभा की सीटें 850 करने पर बहस, थरूर ने बताया मजाक; भाजपा ने कहा- जरूरी
Mon, 11 May 2026 07:26 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 11 May 2026 07:26 AM IST
सार
कैलिफोर्निया में शशि थरूर और भाजपा नेताओं के बीच लोकसभा सीटें 850 करने पर तीखी बहस हुई। थरूर ने इसे लोकतंत्र के लिए मजाक बताया। वहीं, भाजपा नेताओं ने इसे बढ़ती जनसंख्या और जनता के प्रति जवाबदेही के लिए एक जरूरी लोकतांत्रिक कदम करार दिया।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता शशि थरूर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रविवार को कैलिफोर्निया में आयोजित 'स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026' में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच बड़ी बहस हुई। इस दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर 850 करने के विचार को एक मजाक बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या होने से भारतीय संसद चीन की 'पीपुल्स कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस' के देसी संस्करण जैसी बन जाएगी। वहां सदस्य केवल बड़े नेता के आने पर मेज थपथपाते हैं, लेकिन उन्हें बोलने या बहस करने का मौका नहीं मिलता।
क्या बोले थरूर?
थरूर ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 1929 से अब तक सदस्यों की संख्या 435 ही बनी हुई है, जबकि वहां की आबादी तीन गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने तर्क दिया कि 850 सदस्यों के साथ सदन में कोई चर्चा संभव नहीं है। थरूर ने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का तुरंत समर्थन करने को तैयार है, इसे परिसीमन के लिए रोकना नहीं चाहिए। उनके अनुसार, जनगणना के आंकड़ों के बाद 2034 के चुनाव तक भारत का नया राजनीतिक नक्शा तैयार होना चाहिए।
ये भी पढ़ें: रिपोर्ट: महिलाओं के लिए अफगानिस्तान सबसे असुरक्षित देश, भारत की स्थिति में सुधार, लेकिन चुनौतियां बरकरार
विज्ञापन
भाजपा सांसद ने क्या कहा?
दूसरी तरफ, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने थरूर की बातों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले लोकतंत्र में 1971 की जनसंख्या के आधार पर सीटें तय करना सही नहीं है। उन्होंने वर्तमान 543 सीटों को समय के हिसाब से बहुत कम बताया। सूर्या ने कहा कि परिसीमन एक 'लोकतांत्रिक जरूरत' है। इससे चुने हुए प्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि अभी एक सांसद 22 से 30 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। इस कारण आम जनता के लिए अपने सांसद से मिलना और काम करवाना मुश्किल हो जाता है।
भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने इस मुद्दे पर उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच एक 'बड़े समझौते' की बात कही। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु जैसे राज्यों में प्रजनन दर काफी कम है। जनगणना के नतीजे आने के बाद उत्तर भारतीय राज्यों में सांसदों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। अन्नामलाई ने कहा कि सरकार ऐसा रास्ता निकालना चाहती है जिससे किसी भी राज्य को यह न लगे कि उसका नुकसान हुआ है। यह पूरी चर्चा 'इंडिया, दैट इज भारत: ग्रोथ, गवर्नेंस एंड आइडेंटिटी' सत्र के दौरान हुई। इसमें नेताओं ने देश के भविष्य और राजनीतिक ढांचे पर अपनी राय रखी।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
क्या बोले थरूर?
थरूर ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 1929 से अब तक सदस्यों की संख्या 435 ही बनी हुई है, जबकि वहां की आबादी तीन गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने तर्क दिया कि 850 सदस्यों के साथ सदन में कोई चर्चा संभव नहीं है। थरूर ने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का तुरंत समर्थन करने को तैयार है, इसे परिसीमन के लिए रोकना नहीं चाहिए। उनके अनुसार, जनगणना के आंकड़ों के बाद 2034 के चुनाव तक भारत का नया राजनीतिक नक्शा तैयार होना चाहिए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: रिपोर्ट: महिलाओं के लिए अफगानिस्तान सबसे असुरक्षित देश, भारत की स्थिति में सुधार, लेकिन चुनौतियां बरकरार
विज्ञापन
भाजपा सांसद ने क्या कहा?
दूसरी तरफ, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने थरूर की बातों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले लोकतंत्र में 1971 की जनसंख्या के आधार पर सीटें तय करना सही नहीं है। उन्होंने वर्तमान 543 सीटों को समय के हिसाब से बहुत कम बताया। सूर्या ने कहा कि परिसीमन एक 'लोकतांत्रिक जरूरत' है। इससे चुने हुए प्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि अभी एक सांसद 22 से 30 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। इस कारण आम जनता के लिए अपने सांसद से मिलना और काम करवाना मुश्किल हो जाता है।
भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने इस मुद्दे पर उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच एक 'बड़े समझौते' की बात कही। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु जैसे राज्यों में प्रजनन दर काफी कम है। जनगणना के नतीजे आने के बाद उत्तर भारतीय राज्यों में सांसदों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। अन्नामलाई ने कहा कि सरकार ऐसा रास्ता निकालना चाहती है जिससे किसी भी राज्य को यह न लगे कि उसका नुकसान हुआ है। यह पूरी चर्चा 'इंडिया, दैट इज भारत: ग्रोथ, गवर्नेंस एंड आइडेंटिटी' सत्र के दौरान हुई। इसमें नेताओं ने देश के भविष्य और राजनीतिक ढांचे पर अपनी राय रखी।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन