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पाकिस्तान: इमरान के सोशल मीडिया योद्धाओं पर अब गिरने लगी है शरीफ सरकार की गाज

Tue, 10 May 2022 04:08 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 10 May 2022 04:08 PM IST
सार

पीटीआई कार्यकर्ताओं के वकील फैसल फरीद ने इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर विवादास्पद कानून- प्रिवेंशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स ऐक्ट (पेका)- 2016 की धाराएं लगा दी गई हैं। इस कानून के तहत पांच साल तक कैद की सजा हो सकती है...

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Shahbaz Sharif government of Pakistan started action against people doing provocative propaganda on social media
इमरान खान - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पाकिस्तान की शाहबाज शरीफ सरकार ने सोशल मीडिया पर ‘भड़काऊ प्रचार’ कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इसके तहत पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है। खान के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा, सुप्रीम कोर्ट के जजों और वर्तमान सरकार के पदाधिकारियों के खिलाफ लाखों पोस्ट डाले गए हैं।

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अप्रैल के मध्य में इमरान समर्थकों ने ‘आयातित सरकार मंजूर नहीं’ हैशटैग चलाया था। इस पर एक करोड़ 70 लाख ट्विट किए गए। इस हैशटैग की शुरुआत खुद इमरान खान ने की थी। सेना विरोधी हैशटैग को भी भारी समर्थन मिला है। लेकिन सत्ता पक्ष का आरोप है कि इन हैशटैग को मिला समर्थन कुदरती नहीं था। उन्हें इंटरनेट बॉट्स के जरिए पॉपुलर किया गया। पाकिस्तान में मीडिया जागरूकता लाने के लिए बनाए गए थिंक टैंक मीडिया मैटर्स फॉर डेमोक्रेसी की सह-संस्थापक सदफ खान ने भी वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से बातचीत में अंदेशा जताया कि इन हैशटैग को कृत्रिम तरीके से लोकप्रिय बनाया गया।

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सेना और न्यायपालिका नाराज

इसके बावजूद इन ट्विट्स और सोशल मीडिया पोस्ट से शाहबाज शरीफ सरकार को परेशानी हुई है। सेना और न्यायपालिका भी इनमें कही गई बातों से आहत हैं। इसी बीच सोशल मीडिया एकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान में आतंकवाद विरोधी एजेंसी- फेडरल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (एफआईए) ने देश भर में कई जगहों पर छापे मारे हैं। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की सोशल मीडिया शाखा के प्रमुख अर्सलान खालिद को हिरासत में ले लिया गया है। कुछ अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।

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पीटीआई कार्यकर्ताओं के वकील फैसल फरीद ने इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर विवादास्पद कानून- प्रिवेंशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स ऐक्ट (पेका)- 2016 की धाराएं लगा दी गई हैं। इस कानून के तहत पांच साल तक कैद की सजा हो सकती है। उधर देश के एक पूर्व शहर से पीटीआई के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार पर उन पर सशस्त्र सेनाओं को बदनाम करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस आरोप में दो साल तक कैद की सजा हो सकती है।

इमरान सरकार ने सख्त बनाया था पेका

पर्यवेक्षकों के मुताबिक पूर्व पीटीआई सरकार ने ही पेका को अधिक सख्त बनाया था। अब यही कानून पार्टी कार्यकर्ताओं के गले पड़ रहा है। पीटीआई के शासनकाल में हुए संशोधन के तहत आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर सोशल मीडिया यूजर्स की बिना वारंट गिरफ्तारी का प्रावधान किया गया था। हालांकि पिछले महीने अदालत ने उस संशोधन को अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ बताते हुए उसे खारिज कर दिया।



कराची यूनिवर्सिटी में ह्यूमन राइट्स सेंटर के निदेशक सईद शाह ने वेबसाइट निक्कई एशिया से कहा- ‘पीटीआई सरकार की तरफ से पारित कराए गए पेका संशोधन के रद्द होने से अब इस पार्टी के ही समर्थकों को कानून का संरक्षण मिल गया है। अब वे जनरल बाजवा की आलोचना कर रहे हैं। अगर वह संशोधन कायम रहता, तो ऐसा वे नहीं कर पाते।’

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