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संयुक्त राष्ट्र के सामने नकदी का गंभीर संकट, महासचिव गुटेरेश ने सदस्य देशों को सचेत किया

Thu, 10 Oct 2019 03:50 AM IST
देव कश्यप यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार Published by: देव कश्यप Updated Thu, 10 Oct 2019 03:50 AM IST
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Severe cash crisis in front of United Nations, Antonio Guterres warns member णद
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की इमारत - फोटो : UN Photo

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सदस्य देशों को सचेत किया है कि यूएन के सामने नकदी की कमी का गंभीर संकट मंडरा रहा है। महासचिव की ओर से जारी बयान के अनुसार सदस्य देशों ने अगर अपनी वार्षिक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया तो संयुक्त राष्ट्र के कामकाज और सुधार प्रक्रिया के समक्ष जोखिम पैदा हो जाएगा।

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महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान के अनुसार यूएन प्रमुख ने सदस्य देशों को एक पत्र लिख कर बताया है कि संयुक्त राष्ट्र को पिछले एक दशक में पहली बार इतने गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के सामने आरक्षित निधि में रखी गई नकदी के अक्तूबर महीने के अंत तक खर्च हो जाने का खतरा मंडरा रहा है जिसकी वजह से कर्मचारियों को वेतन और अन्य सेवाओं के लिए भुगतान का संकट खड़ा हो सकता है।
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193 सदस्य देशों में से अब तक 129 देशों ने तयशुदा बकाया राशि का वार्षिक भुगतान किया है, लेकिन यूएन प्रवक्ता स्टेफान दुजेरिक ने कहा है कि अन्य देशों को भी तत्काल पूर्ण भुगतान करना होगा। उनका कहना है कि यही एक रास्ता है जिसके जरिए इस मुश्किल से निपटा जा सकता है वरना दुनिया भर में संगठन के कामकाज में व्यवधान आने का जोखिम है। महासचिव ने सरकारों से इस संकट के अंतर्निहित कारणों को दूर करने और वित्तीय सेहत सुधारने के लिए कदमों पर सहमति बनाने के लिए कहा है।
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सितंबर महीने के अंत तक तयशुदा राशि का 70 फीसदी हिस्से का ही भुगतान हो पाया है जबकि पिछले वर्ष इस समय तक 78 प्रतिशत राशि का योगदान किया जा चुका था। बयान के मुताबिक अगर इस साल के शुरू से खर्चों में कटौती नहीं की जाती तो नकदी की कमी अक्तूबर महीने में बढ़कर 60 करोड डॉलर हो जाती। इस स्थिति में संगठन के पास महासभा में जनरल डिबेट और अन्य उच्चस्तरीय बैठकों के इंतजाम के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं होती।

आज की तारीख तक हम अपने कामकाज में बड़े व्यवधानों को किसी तरह रोक पाए हैं... लेकिन ये प्रयास पर्याप्त नहीं है। अगर और ज्यादा सदस्य देशों ने बजट की बकाया राशि का योगदान नहीं दिया तो ऐसा हो सकता है कि सचिवालय वेतन और सामग्री व सेवाओं का नवंबर महीने में भुगतान ना कर पाए।

पांचवी समिति (Fifth Committee) पर बजट की रूपरेखा तय करने की जिम्मेदारी है। यूएन महासभा में समिति को संबोधित करते हुए महासचिव ने कहा कि, इस महीने हम इस दशक के सबसे गहरे घाटे में पहुंच जाएंगे। संगठन एक गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है... एक गंभीर नकदी संकट। समीकरण का अंदाजा लगाना आसान है, नकदी के अभाव में बजट को सही ढंग से लागू नहीं किया जा सकता।

यूएन प्रमुख के अनुसार बजट को योजनाबद्ध तरीके से अमल में लाने के बजाय नकदी की उपलब्धता के हिसाब से लागू किया जा रहा है। नकदी कम होने की वजह से नए पदों पर नियुक्तियां बेहद सीमित संख्या में हो रही हैं और और गैर-वैतनिक खर्च भी सीमित हो गया है। इससे यूएन के कामकाज और नतीजों पर ध्यान केंद्रित करने के प्रयासों पर असर पड़ रहा है।

पिछले सप्ताह यूएन प्रमुख ने कहा था कि रिकॉर्ड स्तर पर नकदी की कमी होने की वजह से उन्हें असाधारण कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति नहीं हो पा रही है, यात्राएं तभी की जा रही हैं जब वे बेहद जरूरी हों, बैठकें टाली या स्थगित की जा रही हैं। इन कारणों से यूएन के कामकाज पर ना सिर्फ न्यूयॉर्क, जिनीवा, वियना और नैरोबी कार्यालयों बल्कि क्षेत्रीय आयोगों पर भी असर होगा।

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