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स्कॉटिश नर्स को कोविड-19 से जुड़े तथ्यों को साजिश के तहत फैलाने पर निलंबित किया गया

Wed, 18 Nov 2020 07:00 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एडिनबर्घ
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एडिनबर्घ Published by: देव कश्यप Updated Wed, 18 Nov 2020 07:00 AM IST
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Scottish nurse is suspended for spreading Covid19 conspiracy theories
Tracey McCallum - फोटो : Facebook

स्कॉटलैंड में एक एनएचएस नर्स को कोविड-19 से जुड़े तथ्यों को षड्यंत्र के तहत फैलाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है, जिसने कहा था कि फेस मास्क वायरस को फैलाने में मदद करते हैं और वैक्सीन की तुलना 'नरसंहार' के लिए टीक लगाने से की थी।

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नर्स ट्रेसी मैकलम के सहकर्मियों ने स्कॉटलैंड के आयरशायर के क्रॉसहाउस अस्पताल में एनएचएस-24 के मालिकों को इस बारे में सूचना दी थी, जब उसने कोरोना प्रकोप को 'स्कैमडेमिक' बताया था।
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डारवेल के एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने नर्सिंग और दाई का काम करने वाले परिषद को भी बताया था कि लोगों को यह कहा जा रहा है कि विटामिन और खनिज के जरिए इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है।
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यह मामला तब सामने आया जब 'एंटी-वैक्सएक्सर' एनएचएस समूह के सदस्यों, जिसने फाइजर के वैक्सीन की तुलना रातोंरात दोगुनी 'जहर' देने से की। मैट हेनकॉक ने सोमवार रात खुलासा किया कि ब्रिटेन के अधिकारियों द्वारा अमेरिकी फर्म के साथ अंतिम समझौते के बाद ब्रिटेन ने मॉडर्न के वैक्सीन की 50 लाख खुराक हासिल की है। इस बीच एक देर रात इस समूह ने जर्मनी में कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए काम करने वाली फर्मों के खिलाफ 'हिंसक विद्रोह' का आह्वान किया।

मैक्कलम पिछले 20 वर्षों से एनएचएस के लिए काम कर रही हैं। उसे काम से संबंधित तनाव के साथ हफ्तों तक बीमार रहने के बाद इस महीने की शुरुआत में निलंबित कर दिया गया था। लेकिन उसने कहा कि उसने घंटों तक इस पर शोध किया है और इसके बाद इसे नर्सिंग समूहों में साझा किया है।

पोलिश लेखिका मोनिका विस्निवस्का को समर्पित करते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा गया है कि 'टीका का परीक्षण पहले राजनेताओं पर किया जाना चाहिए। अगर वह बच जाते हैं तो वैक्सीन सुरक्षित है और अगर वह नहीं बचते हैं तो देश सुरक्षित है।'

इस पोस्ट पर की गई टिप्पणियों में कहा गया है कि 'अभी तक पूर्ण रूप से कोई प्राथमिक देखभाल नहीं है।' 'इससे अस्पताल में दाखिल होने वालों और मौतों में वृद्धि होगी और इस 'स्कैमडेमिक' को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।' 'हर जगह प्रबंधन धौंस दिखाकर हमें नियंत्रित करता है। 

एक अन्य पोस्ट में दावा किया गया कि 'मेरा मानना है कि एनएचएस सरकार की तरह ही भ्रष्ट है।' जबकि एक और ने कहा कि 'ज्यातादर लोग जन्म से ही झूठ से के प्रति जागरूक हो रहे हैं। अत्याचार! नरसंहार! राजद्रोह!'


मैक्कलम अब भी अपनी टिप्पणियों पर कायम हैं और दावा करती है कि उन्हें 'बहुत सारे सवाल' पूछने के लिए शीर्ष अधिकारियों द्वारा निशाना बनाया गया था।

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